कोरोना संकट में निर्माण हुए बिजली के बिल का भुगतान नहीं होने पर किसी भी ग्राहकों का बिजली का मीटर नहीं काटा जायेगा। ऐसा महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने विधानसभा में बयान दिया है। परंतु मुंबई में बहुसंख्यक निजी कंपनियों के बिजली मीटर काटने पर स्थगन मिलना असंभव है। इसके लिए महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (MERC) निर्णय ले सकता है। बिजली का मीटर नहीं काटे जाने के लिए राज्य सरकार निजी कंपनियों को निर्देश नहीं दे सकती है।
महाराष्ट्र टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक इस बारे में अदानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड के सूत्रों ने कहा है कि बिजली मीटर नहीं काटा जाये ये निर्देश राज्य सरकार महावितरण कंपनी को दे सकती है। परंतु निजी कंपनियों को ऐसा निर्देश देने के पहले राज्य सरकार को पहले MERC के पास अपील करनी होती है। इस पर MERC जो निर्देश देता है उसका पालन किया जाता है।
यदि राज्य सरकार बिल का भुगतान नहीं किये जाने पर बिजली नहीं काटने का निर्देश देती भी है तो निजी कंपनियां MERC में उसको चुनौती दे सकती हैं। इस वजह से विधानसभा में घोषणा किये जाने के बावजूद ये निर्देश निजी कंपनियों पर लागू नहीं है और बिल का भुगतान नहीं किये जाने नियमानुसार बिजली काटी जायेगी।
यदि राज्य सरकार बिल का भुगतान नहीं किये जाने पर बिजली नहीं काटने का निर्देश देती भी है तो निजी कंपनियां MERC में उसको चुनौती दे सकती हैं। इस वजह से विधानसभा में घोषणा किये जाने के बावजूद ये निर्देश निजी कंपनियों पर लागू नहीं है और बिल का भुगतान नहीं किये जाने नियमानुसार बिजली काटी जायेगी।
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