वित्त वर्ष 2015 की दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा मामूली बढ़कर 5972 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2015 की पहली तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा 5957 करोड़ रुपये रहा था।

वित्त वर्ष 2015 की दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा मामूली बढ़कर 5972 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2015 की पहली तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा 5957 करोड़ रुपये रहा था।
वित्त वर्ष 2015 की दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की बिक्री 8.6 फीसदी बढ़कर 1.13 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2015 की पहली तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की बिक्री 1.04 लाख करोड़ रुपये रही थी।
तिमाही दर तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन 8.7 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 8.3 डॉलर प्रति बैरल रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुताबिक कंपनी के पास 30 सितंबर 2014 तक 13.5 अरब डॉलर की नकदी मौजूद है। वहीं 30 सितंबर 2014 तक कंपनी पर 1.4 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का कहना है कि वित्त वर्ष 2015 की दूसरी छमाही में सभी कारोबार के विस्तार के लिए 50000-55000 करोड़ रुपये की रकम खर्च की जाएगी। आगे रिलायंस जियो के लिए रुपये में कर्ज लेने की योजना है। कच्चे तेल की गिरती कीमतों का कारोबार पर असर दिखा है। आगे रिटेल मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा कि गैस प्राइसिंग पर सरकार की ओर से 15 नवंबर फैसला आने की उम्मीद है। कंपनी के रिटेल कारोबार की रणनीति में ई-कॉमर्स भी शामिल है। कंपनी के हजीरा स्थित नए प्लांट से जल्द उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। फ्यूल रिटेल कारोबार की समीक्षा जारी है।
तिमाही दर तिमाही आधार पर जुलाई-सितंबर तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का रिफाइनिंग एबिट 3814 करोड़ रुपये से बढ़कर 3844 करोड़ रुपये रहा। तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का रिफाइनिंग एबिट मार्जिन 3.9 फीसदी से घटकर 3.7 फीसदी रहा।
तिमाही दर तिमाही आधार पर जुलाई-सितंबर तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का पेट्रोकेम एबिट 1863 करोड़ रुपये से बढ़कर 2361 करोड़ रुपये रहा। तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का पेट्रोकेम एबिट मार्जिन 7.3 फीसदी से बढ़कर 8.9 फीसदी रहा।
तिमाही दर तिमाही आधार पर जुलाई-सितंबर तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का ऑयल एंड गैस एबिट 1042 करोड़ रुपये से घटकर 818 करोड़ रुपये रहा। तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का ऑयल एंड गैस एबिट मार्जिन 32.8 फीसदी से घटकर 27.2 फीसदी रहा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी का कहना है कि रिफाइनिंग और पेट्रो केमिकल कारोबार के नतीजे शानदार रहे हैं। वहीं घरेलू अर्थव्यवस्था के हालात में सुधार कारोबार के लिए अच्छा है। अगले 12-18 महीने में बड़े प्रोजेक्ट्स पूरे होने का फायदा मिलेगा।
तिमाही दर तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्टैंडअलोन मुनाफा 5649 करोड़ रुपये से बढ़कर 5742 करोड़ रुपये हो गया है। तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की स्टैंडअलोन बिक्री 96351 करोड़ रुपये से बढ़कर 96486 करोड़ रुपये रही।
तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्टैंडअलोन एबिटडा 7530 करोड़ रुपये से बढ़कर 8235 करोड़ रुपये रहा। तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्टैंडअलोन एबिटडा मार्जिन 7.8 फीसदी से बढ़कर 8.5 फीसदी रहा।
तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्टैंडअलोन पेट्रोकेम एबिट 1885 करोड़ रुपये से बढ़कर 2403 करोड़ रुपये रहा। तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्टैंडअलोन पेट्रोकेम एबिट मार्जिन 8 फीसदी से बढ़कर 10 फीसदी रहा।
तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्टैंडअलोन रिफाइनिंग एबिट 3773 करोड़ रुपये से बढ़कर 3788 करोड़ रुपये रहा। तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्टैंडअलोन रिफाइनिंग एबिट मार्जिन सपाट होकर 4.1 फीसदी रहा।
तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्टैंडअलोन ऑयल एंड गैस एबिट 487 करोड़ रुपये से घटकर 332 करोड़ रुपये रहा। तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्टैंडअलोन ऑयल एंड गैस एबिट मार्जिन 31 फीसदी से बढ़कर 24 फीसदी रहा।
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