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Puri Rath Yatra 2026 Stampede: पुरी रथ यात्रा में बार-बार क्यों बनते हैं भगदड़ जैसे हालात? 1 श्रद्धालु की मौत, 100 से ज्यादा घायल, देखें- तस्वीरें

Puri Rath Yatra 2026 Stampede: ओडिशा के पुरी में गुरुवार (16 जुलाई) को भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के दौरान अचानक भीड़ बढ़ने के बीच एक व्यक्ति की मौत हो गई और 100 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए। सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा एक अन्य घटना में दिल का दौरा पड़ने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। समुद्र तट पर स्थित इस मशहूर मंदिर नगरी में आयोजित वार्षिक रथ यात्रा में लाखों श्रद्धालु शामिल हुए

Akhilesh Nath Tripathi
अपडेटेड Jul 16, 2026 पर 20:55
Puri Rath Yatra 2026 Stampede: पुरी रथ यात्रा में बार-बार क्यों बनते हैं भगदड़ जैसे हालात? 1 श्रद्धालु की मौत, 100 से ज्यादा घायल, देखें- तस्वीरें

Puri Rath Yatra 2026 Stampede: रथ यात्रा के बाद हई भगदड़ के बाद एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करने वाली इस यात्रा में भीड़ नियंत्रण इतना मुश्किल क्यों हो जाता है? जब भगदड़ जैसे हालात हुए तो रथ यात्रा रूट पर करीब 10 लाख श्रद्धालु मौजूद हैं।

Puri Rath Yatra 2026 Stampede: विशेषज्ञों के अनुसार, पुरी रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था ही सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों की रस्सी को छूने या खींचने से व्यक्ति के सभी पाप समाप्त हो जाते हैं। इसी विश्वास के चलते हजारों श्रद्धालु एक साथ रथों की ओर दौड़ पड़ते हैं। इससे अचानक भीड़ का दबाव कई गुना बढ़ जाता है।

Puri Rath Yatra 2026 Stampede: रथों के चलना शुरू होने का समय जब लाखों श्रद्धालु ग्रैंड रोड (बड़ा डांडा) पर एक साथ उमड़ पड़ते हैं। इन दोनों मौकों पर भीड़ का दबाव अचानक बढ़ जाता है, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बनने का खतरा सबसे अधिक रहता है। घायल श्रद्धालुओं इलाज के लिए पुरी मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

Puri Rath Yatra 2026 Stampede: स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 'बड़ा डंडा' पर रथ खिंचते हुए देखने का इंतजार कर रहे एक श्रद्धालु की दम घुटने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रथ खींचने के दौरान बड़ा डांडा (ग्रैंड रोड) पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने से कई लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी।

Puri Rath Yatra 2026 Stampede: जुलाई महीने में ओडिशा के तटीय इलाके में गर्मी और नमी (ह्यूमिडिटी) काफी अधिक होती है। ऐसे मौसम में लंबे समय तक भीड़ में फंसे रहने से लोगों को घुटन, डिहाइड्रेशन, चक्कर और बेहोशी जैसी समस्याएं होने लगती हैं। यदि भीड़ कुछ मिनटों के लिए भी रुक जाए तो हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं।

Puri Rath Yatra 2026 Stampede: रथ यात्रा की सुरक्षा के लिए इस बार प्रशासन ने करीब 12,000 पुलिसकर्मियों, केंद्रीय सुरक्षा बलों और 19 वरिष्ठ IPS अधिकारियों की तैनाती की थी। इसके अलावा भीड़ पर नजर रखने के लिए AI आधारित CCTV कैमरों का भी इस्तेमाल किया गया।

Puri Rath Yatra 2026 Stampede: ताजा घटना के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। रथ यात्रा के दौरान भीड़ के चरणबद्ध प्रवेश, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, मेडिकल कॉरिडोर, बेहतर बैरिकेडिंग और श्रद्धालुओं की संख्या के साइंटिफिक मैनेजमेंट जैसे उपायों को और मजबूत करने की जरूरत है।

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