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केर्न इंडिया के वेदांता में मर्जर पर लगी मुहर

केर्न इंडिया के निवेशकों को मौजूदा एक शेयर के बदले वेदांता का एक शेयर मिलेगा।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 15, 2015 पर 1:22 PM
केर्न इंडिया के वेदांता में मर्जर पर लगी मुहर

केर्न इंडिया का वेदांता में मर्जर पक्का हो गया है। दोनों कंपनियों के बोर्ड बैठक में मर्जर को मंजूरी दे दी गई है। ये मर्जर एक पर एक शेयर के रेश्यो में होगा। इसका मतलब है कि केर्न इंडिया के निवेशकों को मौजूदा एक शेयर के बदले वेदांता का एक शेयर मिलेगा। साथ ही केर्न के निवेशकों को 10 रुपये के फेस वैल्यू का एक प्रेफेरेंशियल शेयर भी मिलेगा। कंपनी ने साफ किया है कि मर्जर के बाद भी केर्न का ब्रांड बना रहेगा। केर्न इंडिया के सीईओ ने कहा कि मर्जर के बाद भी कैपेक्स पर 50 करोड़ डॉलर का खर्च करेंगे। केर्न इंडिया और वेदांता का मर्जर वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही तक पूरा होगा। इसमें शेयरधारकों को 7.6 फीसदी प्रीमियम मिलेगा।

हालांकि इस डील को ब्रोकरेज ने निगेटिव बताया है। मैक्वायरी के मुताबिक वेदांता के लिए ये विलय पॉजिटिव है और हिंदुस्तान जिंक का विलय भी जल्द हो सकता है। डील के बाद वेदांता के लिए मैक्वॉयरी ने 276 रुपये प्रति शेयर का लक्ष्य तय किया है।

इस मर्जर की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि कंपनी सभी कमोडिटी कारोबार एक कंपनी में रखना चाहती है। इस विलय से वेदांता के कर्ज में कमी आएगी। इस डील से वेदांता को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा क्योंकि केर्न के विलय से वेदांता ग्रुप का कर्ज करीब 17,000 करोड़ रुपये कम होगा। अभी वेदांता ग्रुप के ऊपर करीब 70,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। हालांकि इस मर्जर से केर्न के निवेशकों को नुकसान होगा क्योंकि केर्न के कैपेक्स में कमी आएगी। हालांकि मर्जर से वेदांता के निवेशकों को फायदा होगा।

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट एडवाइजर के पीयूष जैन का कहना है कि ये मर्जर वेदांता के लिए काफी फायदेमेंद है। इसके बाद अगले 12-14 महीनों में वेदांता की बैलेंसशीट में सुधार होगा। हालांकि मर्जर से केर्न इंडिया को नुकसान संभव है लेकिन केर्न में ज्यादा गिरावट नहीं आएगी।

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