कोल इंडिया कोयले की चोरी को रोकने के लिए तकनीक और सेफ्टी को दुरुस्त करेगी। कोल इंडिया इसके लिए विप्रो, सीएमसी लिमिटेड, एआरएस सॉफ्ट को ऑर्डर दे सकती है। तकनीक को दुरुस्त किए जाने के लिए ऑर्डर हासिल करने की दौड़़ में अमेरिका की कंपनी हनीवेल और फ्रांस की ऑरेंज भी शामिल है। मिल रही जानकारी के मुताबिक कंपनी अगले महीने तक इसका ऑर्डर दे देगी। तकनीक के इस अपग्रेडेशन पर कोल इंडिया को कम से 350 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
