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जरूरत से ज्यादा कर्ज बड़ी चुनौतीः उदय कोटक

उदय कोटक के मुताबिक कई घरेलू कंपनियां कर्ज में डूबी हैं और ज्यादा कर्ज अब बैंकिंग सिस्टम के लिए बड़ी चुनौती बना है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 30, 2015 पर 8:27 AM
जरूरत से ज्यादा कर्ज बड़ी चुनौतीः उदय कोटक

कई घरेलू कंपनियां कर्ज के बोझ तले दबी हुई हैं और जरूरत से ज्यादा कर्ज अब बैंकिंग सिस्टम के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। इन बड़े कर्ज की वजह से बैंकों पर दबाव दिख रहा है। ये कहना है कोटक महिंद्रा बैंक के एग्जिक्यूटिव वाइस चेयरमैन उदय कोटक का।

कोटक महिंद्रा बैंक की 30वीं एजीएम में उदय कोटक ने ये भी कहा कि मोदी सरकार के आने के बाद कुछ बड़े कदम उठाए गए हैं और इससे आर्थिक हालात मजबूत और स्थिर हुए हैं। लेकिन इकोनॉमी में बहुत तेज ग्रोथ की उम्मीद करना सही नहीं है।

उदय कोटक ने कहा है कि फिलहाल देश में कुल सेविंग और डिपॉजिट का 70 फीसदी हिस्सा सरकारी बैंकों के पास है जबकि प्राइवेट बैंकों के पास सिर्फ 30 फीसदी सेविंग और डिपॉजिट हैं। लेकिन अगले 10 साल में प्राइवेट बैंक भी सरकारी बैंकों की बराबरी कर पाएंगे।

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