वित्त वर्ष 2016 की दूसरी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया को 1,126 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। वित्त वर्ष 2015 की दूसरी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया को 786 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
वित्त वर्ष 2016 की दूसरी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया को 1,126 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। वित्त वर्ष 2015 की दूसरी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया को 786 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
वित्त वर्ष 2016 की दूसरी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया की ब्याज आय करीब 0.5 फीसदी घटकर 3,019.7 करोड़ रुपये रही है। वित्त वर्ष 2015 की दूसरी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया की ब्याज आय 3,030.7 करोड़ रुपये रही थी।
तिमाही दर तिमाही आधार पर जुलाई-सितंबर तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया का ग्रॉस एनपीए 6.8 फीसदी से बढ़कर 7.55 फीसदी रहा है। तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया का नेट एनपीए 4.11 फीसदी से बढ़कर 4.31 फीसदी रहा है।
तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया की प्रोविजनिंग 1,515 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,237 करोड़ रुपये रही है, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया की प्रोविजनिंग 963.4 करोड़ रुपये रही थी।
रुपये में बैंक ऑफ इंडिया के एनपीए पर गौर करें तो तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में बैंक का ग्रॉस एनपीए 26,889 करोड़ रुपये से बढ़कर 29,894 करोड़ रुपये रहा है। तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया का नेट एनपीए 15,789 करोड़ रुपये से बढ़कर 16,466 करोड़ रुपये रहा है।
तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया के घरेलू कारोबार का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 2.52 फीसदी से बढ़कर 2.77 फीसदी रहा है। तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया के अंतरराष्ट्रीय कारोबार का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 2.12 फीसदी से बढ़कर 2.29 फीसदी रहा है।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।