एबीजी शिपयार्ड के लिए मुश्किलें बढ़ गई है। तय समय सीमा में निवेशक ना तलाश पाने के बाद प्रोमोटर्स को कंपनी में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी से हाथ धोना पड़ सकता है। मासन ग्रुप के स्ट्रैटेजिक निवेश से इंकार करने के बाद बैंक एसडीआर लागू कर सकते हैं। जिसके बाद बैंक कंपनी के एसेट को बेचने के लिए बोलियां बुला सकते हैं।
