TCS के पहली तिमाही के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे हैं। भारतीय और एशिया पैसेफिक कारोबार में सुस्ती की वजह से कंपनी के मुनाफे, रेवेन्यू और मार्जिन पर असर पड़ा है। हालांकि कंपनी को आगे अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। इन नतीजों पर चर्चा के लिए सीएनबीसी-आवाज़ ने बात की TCS के CFO Samir Seksaria और कंपनी के EVP & CHRO Milind Lakkad से।
सबसे पहले एक नजर डाल लेतें हैं कंपनी के नतीजों पर तिमाही आधार पर देखें तो पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा 9,246 करोड़ रुपए से घटकर 9,008 करोड़ रुपए पर आ गया है। हांलाकि कंपनी की कंसोलिडेटेड आय पिछली तिमाही के 43,705 करोड़ से बढ़कर 45,411 करोड़ रुपए पर पहुंच गई है।
कंसॉलिडेटेड EBIT में गिरावट आई है और ये पिछली तिमाही के 11,734 करोड़ से घटकर 11,588 करोड़ पर आ गया है। कंपनी की डॉलर आय में बढ़ोतरी हुई है और ये पिछली तिमाही के 598.9 करोड़ डॉलर से बढ़कर 615.4 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई है। कंपनी बोर्ड ने 7 रुपए प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड को भी मंजूरी दी है।
इन नतीजों पर बात करते हुए TCS के सीएफओ समीर सेकसारिया (Samir Seksaria) ने कहा कि पहली तिमाही में कंपनी ने कोर मार्केट और वर्टिकल्स में अच्छा प्रदर्शन किया है। कोरोना का असर भारत और इमर्जिंग मार्केट में दिखा है। अब हालात सुधर रहे हैं तो प्रदर्शन बेहतर होगा। यूरोप का डिमांड आउटलुक मजबूत है। UK के हालात पर हमारी नजर बनी हुई है।
TCS ने मार्च तिमाही में हायरिंग का रिकॉर्ड बना लिया है। रिकॉर्ड नई हायरिंग से जून तिमाही में कंपनी के कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5 लाख से ज्यादा हो गई। 30 जून 2021 तक TCS के कुल कर्मचारियों की संख्या 5,09058 थी।
सिर्फ जून तिमाही में कंपनी ने 20,409 लोगों की हायरिंग की थी। इस मुद्दे पर बात करते हुए कंपनी के CHRO मिलिंद लक्कड़ (Milind Lakkad)ने कहा कि हमारा सामान्य Attrition 11-12 फीसदी रहता है। Attrition आगे थोड़ा और बढ़ सकता है। कंपनी ने इससे ज्यादा Attrition भी देखा है। हमारा ऑपरेटिंग मॉडल मजबूत है।