HCL TECH ने 30 जून 2022 को खत्म हुई पहली तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। जिसके मुताबिक इस अवधि में कंपनी का मुनाफा तिमाही आधार पर 8.6 फीसदी घट कर 3 283 करोड़ रुपये पर रहा है जबकि वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 3,593 करोड़ रुपये पर रहा था। हालांकि एनालिस्ट ने कंपनी को 3,297 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान लगाया था। कंपनी के बोर्ड ने 10 रुपए प्रति शेयर डिवीडेंड का भी ऐलान किया है।
तिमाही दर तिमाही आधार पर पहली तिमाही में कंपनी की आय 22,597 करोड़ रुपये से बढ़कर 23,464 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। जबकि इसके 23,410 करोड़ रुपये पर रहने का अनुमान किया गया था। कंपनी की आय में तिमाही आधार पर 3.8 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
30 जून 2022 को समाप्त पहली तिमाही में कंपनी की डॉलर में होने वाली आय 302.5 करोड़ डॉलर पर रही है। जो कि वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में 299.3 करोड़ डॉलर पर रही थी। बता दें कि एनालिस्ट ने कंपनी की डॉलर आय 303.2 करोड़ डॉलर रहने का अनुमान किया था।
तिमाही दर तिमाही आधार पर पहली तिमाही में कंपनी की EBIT 4069 करोड़ रुपये से घटकर 3,992 करोड़ रुपये पर आ गया है। जबकि सीएनबीसी टीवी 18 के पोल में इसके 4,122 करोड़ रुपये पर रहने का अनुमान किया गया था।
तिमाही दर तिमाही आधार पर कंपनी का EBIT मार्जिन 18 फीसदी से घटकर 17 फीसदी पर आ गया है। जबकि सीएनबीसी टीवी 18 के पोल में इसके 17.6 फीसदी पर रहने का अनुमान किया गया था।
पहली तिमाही में कंपनी कॉस्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ 2.7 फीसदी पर रही है जबकि जबकि सीएनबीसी टीवी 18 के पोल में इसके 2.5-3 फीसदी पर रहने का अनुमान किया गया था।
पहली तिमाही में कंपनी को कुल 205.4 करोड़ डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं। तिमाही दर तिमाही आधार पर पहली तिमाही में कंपनी के सर्विसेस बिजनेस की ग्रोथ 2.3 फीसदी पर रही है। वहीं इस अवधि में कंपनी की एट्रिशन रेट 23.8 फीसदी पर रही है जो कि पिछली तिमाही में 21.9 फीसदी पर रही थी। जबकि यह दर पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 11.8 फीसदी रही थी।
पहली तिमाही में कंपनी ने 2089 नए कर्मचारी जोड़े हैं। 30 जून तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या 2.10 लाख थी। पहली तिमाही में कंपनी की बिक्री में तिमाही आधार पर 2.7 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। पहली तिमाही में कंपनी को 205 करोड़ डॉलर के ऑर्डर मिले हैं।
एचसीएल टेक ने अपना गाइडेंस देते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2023 में कंपनी की कॉस्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ 12-14 फीसदी रह सकती है। वहीं इसी अवधि में कंपनी की एबिट मार्जिन 18-20 फीसदी रह सकता है।