केंद्र सरकार ने IDBI Bank के लिए SEBI से एक रियायत मांगी है। सरकार ने मार्केट रेगुलेटर से कहा है कि आईडीबीआई बैंक को मिनिमम 25 फीसदी पब्लिक शेयरहोल्डिंग के नियम से मिली छूट को इसके निजीकरण के बाद भी जारी रखा जाए। सीएनबीसी टीवी-18 के सूत्रों ने यह जानकारी दी है।
यह बिजनेस न्यूज चैनल ने 18 नवंबर को बताया कि सरकार आईडीबीआई बैंक के लिए बिड सब्मिट करने की 16 दिसंबर की समयसीमा का पालन करना चाहती है। सूत्रों ने बताया कि अगर सेबी सरकार और LIC को पब्लिक शेयरहोल्डर्स माने जाने की इजाजत दे देता है तो मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की शर्तों का पालन अपने आप हो जाएगा।
मार्केट रेगुलेटर सेबी के नियम के मुताबिक शेयर बाजार में सूचीबद्ध सभी कंपनियों के लिए लिस्टिंग के तीन साल के अंदर मिनिमम 25 फीसदी पब्लिक शेयरहोल्डिंग अनिवार्य है। इस नियम से सरकारी कंपनियों को छूट मिली हुई है। आईडीबीआई बैंक में सरकार की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है। इसलिए इसे पब्लिक शेयरहोल्डिंग के नियम से छूट हासिल है।
आईडीबीआई बैंक में सरकार और LIC की कुल मिलाकर 95 फीसदी हिस्सेदारी है। RBI रेगुलेटरी मामलों के लिए 21 जनवरी, 2019 से IDBI Bank को प्राइवेट सेक्टर बैंक मानता है। 2019 में जनवरी में एलआईसी ने आईडीबीआई में बड़ी हिस्सेदारी हासिल की थी। सरकार 1 अप्रैल, 2010 और 31 मार्च, 2021 के बीच आईडीबीआई बैंक में 27,000 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है।