हालांकि, टीम ने कड़ी मेहनत की और पारंपरिक बैंकों से प्रतिस्पर्धा करते हुए अपने बिजनेस का विस्तार किया। साल 1984 तक HDFC का सालाना लोन भुगतान का आंकड़ा 100 करोड़ रुपये को पार कर गया। यह एक कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि थी। यह कंपनी 1978 में लिस्ट हुई थी। हालांकि, उस वक्त इसे अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला था। इसे पर्याप्त सब्क्रिप्शन भी नहीं मिला था, लेकिन यह एक बड़ी फाइनेंशियल कंपनी के सफर की शुरुआत थी। 12 जुलाई, 2023 को जब एक्सचेंजों में HDFC के शेयरों की ट्रेडिंग बंद हुई, तो इस कंपनी का मार्केट कैपिटल 5 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा था।