दुनिया की दिग्गज आईटी कंपनी आईबीएम (इंटरनेशनल बिजनेस मशीन) ने अपने 108 साल के इतिहास में सबसे बड़ी डील की है। यह Linux  बनाने वाली कंपनी रेड हैट को 2.34 लाख करोड़ रुपये में खरीदा है। रॉयटर्स के मुताबिक यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी डील है। इस डील के बाद आईबीएम का क्लाउड कंप्यूटिंग बिजनेस में तेजी आएगी।

1993 में स्थापित रेड हैट Linux ऑपरेटिंग सिस्टम की विशेषज्ञ है। यह सबसे ज्यादा प्रचलित ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर है और माइक्रोसॉफ्ट के सॉफ्टवेयर का विकल्प है। आईबीएम की सीईओ गिन्नी रोमेटी ने कंपनी को ट्रेडिशनल हार्डवेयर प्रोडक्ट की बजाय तेजी से बढ़ते क्लाउड, सॉफ्टवेयर और सर्विसेज सेगमेंट में आगे ले जाने पर फोकस किया है। वे 2012 में सीईओ बनी थीं। हालांकि, आईबीएम का नए क्षेत्रों में फोकस करना हर बार निवेशकों को आकर्षित नहीं कर पाया। कंप्यूटर हार्डवेयर बिजनेस से ट्रांजिशन के दौरान कई साल तक कंपनी के रेवेन्यू में भी गिरावट आई थी।


हालांकि, 2013 की तुलना में आईबीएम के कुल रेवेन्यू में क्लाउड रेवेन्यू की हिस्सेदारी अब 25 गुना बढ़ चुकी है। इस साल की जनवरी-मार्च तिमाही के आखिर तक क्लाउड रेवेन्यू 19 अरब डॉलर के ऊपर पहुंच गया।


आईबीएम की डील पूरी होने के बाद भी रेड हैट कंपनी के बोर्ड में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं होगा। डील पूरी होने के बाद भी रेड हैट के सीईओ जिम वाइटहर्स्ट और उनकी टीम कंपनी में बनी रहेगी। जिम आईबीएम के मैनेजमेंट में शामिल होंगे। इसका मुख्यालय भी नॉर्थ कैरोलिना के राले में रहेगा।