SEBI ने कंपनियों में कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत बनाने के लिए एक अहम प्रस्ताव पेश किया है। इसे 21 फरवरी को पेश किया गया है। इसमें एक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की बात कही गई है, जिससे Perpetual Directorship पर रोक लग जाएगी। कुछ स्टेकहोल्डर्स इसका फायदा उठाते हैं। सूचीबद्ध कंपनियों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में स्टेकहोल्डर को अपने सीट के लिए एप्रूवल हासिल करने की जरूरत पड़ सकती है। सेबी ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि यह हर पांच साल में एक बार होगा। इससे कंपनियों में कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूती मिलेगी।
