Nykaa की बॉस ने बताया, आप कैसे अपने स्टार्टअप को कामयाब बना सकते हैं

नायका ने खुद को पिछले साल नवंबर में स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट कराया था। ई-कॉमर्स कंपनियां अलग-अलग तरह के कस्टमर्स के लिए अल-अलग प्लेटफॉर्म्स बनाती हैं, लेकिन नायर का कहना है कि उन्हें मेट्रो और दूसरे शहरों के यूजर्स के कंजम्प्शन पैटर्न में कोई फर्क नहीं नजर आता

अपडेटेड Mar 25, 2022 पर 11:23 AM
फाल्गुनी नायर को इस बात का मलाल है कि उनके साथ कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था, जिसे टेक्नोलॉजी की अच्छी समझ हो। उनका कहना है कि अगर उन्होंने किसी ऐसे व्यक्ति को फाउंडर बनाया होता तो नायका की शुरुआती ग्रोथ और ज्यादा होती।

नायका (Nykaa) के आईपीओ ने इनवेस्टर्स को मालामाल किया। कंपनी के शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर करीब दोगुना प्राइस पर लिस्ट हुए थे। इसका श्रेय नायका की फाउंडर फाल्गुनी नायर (Falguni Nayar) को जाता है। हाल में एक कार्यक्रम में नायर ने कुछ ऐसी बातें बताई जो स्टार्टअप (Startp) शुरू करने वाले लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती हैं। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा।

नायर को इस बात का मलाल है कि उनके साथ कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था, जिसे टेक्नोलॉजी की अच्छी समझ हो। उनका कहना है कि अगर उन्होंने किसी ऐसे व्यक्ति को फाउंडर बनाया होता तो नायका की शुरुआती ग्रोथ और ज्यादा होती। हालांकि, नायका की ग्रोथ शानदार रही है। जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में भी इसका परफॉर्मेंस अच्छा रहेगा।

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नायका की फाउंडर ने कहा, "अगर मुझे दोबारा स्टार्ट करने का मौका मिला तो मैं टेक्नोलॉजी जानने वाले व्यक्ति को को-फाउंडर बनाउंगी। अगर मैंने नायका के साथ ऐसा किया होता तो इससे मुझे कई शुरुआती दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता। शुरुआती दिनों में हमारी ग्रोथ भी तेज रही होती।"

नायका ने खुद को पिछले साल नवंबर में स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट कराया था। ई-कॉमर्स कंपनियां अलग-अलग तरह के कस्टमर्स के लिए अल-अलग प्लेटफॉर्म्स बनाती हैं, लेकिन नायर का कहना है कि उन्हें मेट्रो और दूसरे शहरों के यूजर्स के कंजम्प्शन पैटर्न में कोई फर्क नहीं नजर आता। उन्होंने कहा, "मेरा माना है कि मेट्रो और टियर 1 शहरों में कंजम्प्शन पर इनकम लेवल फर्क डालता है।"

उन्होंने कहा कि हर जगह अमीर लोग मौजूद हैं। कस्टमर नॉलेज के मामले में भी समानता है। टियर 2 और टियर 3 शहरों के लोग विदेश में होने वाली चीजों को लेकर ज्यादा खुले हुए हैं। उन्होंने कहा, "आप क्लीन ब्यूटी या नेचुल ब्यूटी का उदाहरण लीजिए, इनमें से कोई सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है।"

नायका का आईपीओ बहुत कामयाब रहा था। कंपनी ने इस इश्यू से 5000 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके शेयरों की लिस्टिंग तो शानदार रही थी, लेकिन उसके बाद से इसमें गिरावट आई है। नायर ने कहा कि कोरोना नायका का बिजनेस के लिए सबसे बड़ा चैलेंज रहा है। इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में नायका का रेवेन्यू 36 फीसदी बढ़कर 1,098 करोड़ रुपये रहा, जबकि प्रॉफिट 59 फीसदी गिरकर 28 करोड़ रुपये रहा।

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