वित्त वर्ष 2017 की पहली तिमाही में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 599.8 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। जबकि वित्त वर्ष 2016 की पहली तिमाही में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 203.6 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।

वित्त वर्ष 2017 की पहली तिमाही में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 599.8 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। जबकि वित्त वर्ष 2016 की पहली तिमाही में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 203.6 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
वित्त वर्ष 2017 की पहली तिमाही में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ब्याज आय 10 फीसदी घटकर 1659 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2016 की पहली तिमाही में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ब्याज आय 1844 करोड़ रुपये रही थी।
तिमाही दर तिमाही आधार पर अप्रैल-जून तिमाही में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का ग्रॉस एनपीए 11.95 फीसदी से बढ़कर 13.53 फीसदी रहा है। तिमाही आधार पर अप्रैल-जून तिमाही में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का नेट एनपीए 7.36 फीसदी से बढ़कर 8.17 फीसदी रहा है।
रुपये में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एनपीए पर नजर डालें तो तिमाही आधार पर पहली तिमाही में ग्रॉस एनपीए 22721 करोड़ रुपये से बढ़कर 25107 करोड़ रुपये रहा है। तिमाही आधार पर पहली तिमाही में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का नेट एनपीए 13242 करोड़ रुपये से बढ़कर 14232 करोड़ रुपये रहा है।
तिमाही आधार पर पहली तिमाही में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की प्रोविजनिंग 2286.6 करोड़ रुपये से घटकर 1543.6 करोड़ रुपये रही है, जबकि पिछले साल की अप्रैल-जून तिमाही में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की प्रोविजनिंग 580.7 करोड़ रुपये रही थी।
30 जून 2016 को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का प्रोविजन कवरेज रेश्यो 52.1 फीसदी पर रहा है।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।