GST Council meeting: वित्त मंत्री ने कहा- 'पेट्रोल-डीजल को GST में लाने का यह सही समय नहीं'

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई अहम दवाओं पर जीएसटी से छूट देने का ऐलान किया
अपडेटेड Sep 19, 2021 पर 11:30  |  स्रोत : Moneycontrol.com

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लखनऊ में GST काउंसिल की 45वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने पेट्रोल डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की अटकलों पर विराम लगा दिया। उन्होंने कहा, "पेट्रोल और डीजल को अभी जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार करने का यह सही समय नहीं है। रेवेन्यू से जुड़े कई मुद्दों पर इसके लिए विचार करना होगा। बैठक के दौरान इन पर चर्चा नहीं हुई।"


वहीं पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्या ने बताया कि स्विगी, जोमौटो जैसी फूड डिलीवरी कंपनियों पर टैक्स के मुद्दे को मंत्रियों के समूह (GoM) के पास विचार के लिए भेजा गया है।


निर्मला सीतारमण ने कहा, "कुछ जीवन रक्षक दवाएं जो बहुत महंगी हैं, जो बच्चों के लिए ज़्यादा इस्तेमाल की जाती हैं। ये कोरोना से संबंधित नहीं हैं। ऐसी ड्रग्स को जीएसटी से छूट दी गई है। इसपर अब जीएसटी नहीं लगेगा। Zologensma (जोलगेन्स्मा) और Viltetso (विल्टेप्सो)  ऐसी ही 2 महत्वपूर्ण दवाए हैं।"


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वित्त मंत्री ने यह भी ऐलान किया कि कोरोना के इलाज से जुड़ी जिन दवाओं पर जीसएटी दर 30 सितंबर तक के लिए घटाई गई थी, उसे बढ़ाकर अब 31 दिसंबर कर दिया गया है। जीएसटी दर में यह कटौती सिर्फ रेमिडेसिवियर जैसी दवाओं के लिए है। इसमें मेडिकल उपकरण शामिल नही्ं है।


उन्होंने कहा, "एम्फोटेरिसिन-बी और टोसीलिज़ुमैब पर जीएसटी नहीं लगेगा। रेमडेसिविर और हेपरिन पर 5% जीएसटी लगेगा। ये छूट 31 दिसंबर 2021 तक जारी रहेगी। कैंसर संबंधी ड्रग्स जैसे कीट्रूडा पर जीएसटी की दर 12% से घटाकर 5% की गई है।"


वित्त मंत्री ने कहा कि एयरक्राफ्ट और अन्य वस्तुओं लीज पर इंपोर्ट किए जाने को लेकर भी कुछ फैसले किए गए हैं, ताकि डबल टैक्सेशन की समस्या से राहत दी जा सके।


बता दें कि करीब दो साल बाद यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की बजाय आमने-सामने बैठकर हुई। इस दौरा्न राज्यों को केंद्र की तरफ से दिए जाने मुआवजे की समयसीमा को 2022 से आगे बढ़ाने के मुद्जे पर चर्चा हुई।


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पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने की थी चर्चा
इससे पहले अटकलें थीं कि काउंसिल पेट्रोल-डीजल को जीसएटी के दायरे में लाने पर फैसला ले सकती है। पेट्रोल-डीजल के GST के दायरे में आने पर पेट्रोल 28 रुपए और डीजल भी 25 रुपए तक सस्ता हो सकता है. अभी देश में कई शहरों में पेट्रोल 110 और डीजल 100 रुपए प्रति लीटर के पार निकल गया है।


टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि कोरोना महामारी से पैदा हुई आर्थिक संकट को देखते हुए पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को GST के तहत लाना केंद्र सरकार और राज्यों के लिए बहुत मुश्किल फैसला साबित होगा। पेट्रोलियम पदार्थों से केंद्र और राज्यों को बड़ी मात्रा में रेवेन्यू मिलता है। इन्हें GST के दायरे में लाने पर केंद्र और राज्यों को अन्य प्रोडक्ट्स पर टैक्स को लेकर बड़े समझौते करने होंगे।


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