वाराणसी पुलिस (Varanasi Police) ने मंगलवार को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के एक मेडिकल छात्र और एक अन्य व्यक्ति को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट परीक्षा सॉल्वर रैकेट (NEET Examination Solving Racket) मामले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया।

पुलिस ने बुधवार को बताया कि मेडिकल के छात्र की पहचान डॉक्टर ओसामा शाहिद (Dr. Osama Shahid) के रूप में हुई है और दूसरा व्यक्ति अभय कुमार मेहता (Abhay Kumar Mehta) है। यह सोमवार को सारनाथ क्षेत्र में नीट परीक्षा-2021 (NEET Exam 2021) के दौरान सॉल्वरों के एक अंतर राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करने के बाद आया है।

इससे पहले, पुलिस ने एक बीडीएस छात्रा जूली कुमारी (BDS student Juli Kumari) को गिरफ्तार किया था, साथ ही उसकी मां को भी इस संबंध में गिरफ्तार किया गया था।

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वाराणसी के पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश ने कहा कि मऊ जिले के मूल निवासी डॉ ओसामा, जो इस साल केजीएमयू लखनऊ में MBBS के अंतिम वर्ष की परीक्षा में शामिल हुए थे, पटना स्थित सॉल्वर गैंग की ओर से परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को ढूंढते थे।

उन्होंने कहा कि यह गिरोह प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए अपने आदमी को भेजने का ठेका लेता था। यदि कोई उम्मीदवार परीक्षा में पास होता है, तो गिरोह उम्मीदवार से 30 लाख रुपये से 40 लाख रुपये तक लेते हैं।

गिरफ्तार मेहता बीडीएस-द्वितीय छात्र जूली कुमारी का भाई है। आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, सॉल्वर गैंग से 5 लाख रुपये का प्रस्ताव मिलने के बाद उसने त्रिपुरा की एक उम्मीदवार हेना बिस्वास के स्थान पर जूली को नीट परीक्षा में बैठने के लिए मना लिया था।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने 15 एडमिट कार्ड, उम्मीदवारों की चार तस्वीरें, कूरियर की चार रसीदें, गिरोह के सदस्यों से चैट करने वाले दो मोबाइल फोन, पैसे के लेन-देन का डिटेल्स और अन्य महत्वपूर्ण सामान बरामद की हैं।

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