भारत में कोरोना के नए वैरिएंट से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ी - WHO

WHO की चीफ वैज्ञानिक स्वामीनाथन ने कहा कि कोरोना का नया वैरिएंट B.1.617 अधिक खतरनाक है जो तेजी से फैल रहा है
अपडेटेड May 10, 2021 पर 09:55  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत कोरोना वायरस की दूसरी लहर से जूझ रहा है। कोरोना कहर भारत में बढ़ता जा रहा है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organizations- WHO) की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन (Soumya Swaminathan) ने कहा कि भारत में नए वैरिएंट के चलते अचानक से कोरोना विस्फोट हुआ है। यह बहुत ही ज्यादा संक्रामक और जानलेवा है। इससे बचने का एकमात्र उपाय वैक्सीन है जिसमें तेजी लाने की जरूरत है।


AFP को दिए गए एक इंटरव्यू में सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि भारत में तबाही इस बात का संकेत है कि कोरोना का नया वैरिएंट बहुत तेजी से फैल रहा है। भारत में शनिवार को पहली बार एक दिन में 4,000 अधिक लोगों की मौत दर्ज की गई और 400,000 से अधिक नए मामले सामने आए हैं।   


डॉ. स्वामीनाथन ने कहा कि कोरोना का नया वैरिएंट B.1.617 जो कि अक्टूबर में भारत में पाया गया था वही अब रोजाना लाखों लोगों को अपने चपेट में ले रहा है। यही वैरिएंट तेजी से म्यूटेट भी कर रहा है जो कि लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना का यह नया वैरिएंट अपने वास्तविक रूप से कई गुना ज्यादा खतरनाक है और बहुत तेजी से लोगों में फैल रहा है।


उन्होंने कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देश इस वैरिएंट को गंभीरता से ले रहे हैं और मुझे उम्मीद है कि WHO जल्दी इस पर कोई न कोई नियम बनाएगा। स्वामीनाथन ने कहा कि यह वैरिएंट इतना खतरनाक है कि यह शरीर में एंटीबॉडी बनाने से भी रोकता है और बहुत तेजी से म्यूटेट करता है। 


हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारत में संक्रमितों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी और और मौत के लिए सिर्फ कोरोना के नए वैरिएंट को ही जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है बल्कि इसके लिए लोगों की लापरवाही भी जिम्मेदार है। लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग  शारीरिक का पालन करना छोड़ दिया। यहां तक कि कई लोगों मामले कम होने के चलते मास्क पहनना भी छोड़ दिया। 


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य राजनेताओं द्वारा आयोजित बड़े पैमाने पर चुनावी रैलियां भी इसके लिए जिम्मेदार है। रैली में लाखों  लोगों की भीड़ जुटी जिसने इसे और तेजी से फैलने में मदद की।


स्वामीनाथन ने कहा कि पर्याप्त लोगों की वैक्सीन लगाए जाने तक हमें डटकर कोरोना वायरस की दूसरी लहर का सामना करना होगा। भारत अब इस महामारी पर काबू पाने के लिए वैक्सीनेशन पर जोर दे रहा है। उन्होंने आगे कहा कि दुनिया में सबसे बड़े वैक्सीन बनाने वाले देश ने 1.3 अरब से अधिक आबादी वाले देश में करीब 2 फीसदी लोगों को वैक्सीन लगाई गई है।


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