विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र को बताया है कि आंतकवादी संगठन ISIS हत्याओं के लिए बिटकॉइन में ईनाम दे रहा है। उन्होंने कहा कि ISIS की वित्तीय ताकत और मजबूत हुई है और उसे बिटकॉइन के जरिए फंडिंग मिल रही है। उनका कहना था कि हाल की एक रिपोर्ट से यह पता चला है कि ISIS अभी भी अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मीटिंग में जयशंकर ने बताया, "ISIL (दायेश) की गतिविधियां सीरिया और इराक में बढ़ी हैं और इससे जुड़े गुट अफ्रीका में ताकत बढ़ा रहे हैं। इसकी फंडिंग भी पहले से मजबूत हुई है। हत्याओं के लिए अब बिटकॉइन में भी ईनाम दिए जा रहे हैं।"
उनका कहना था कि ISIS के तरीकों में बदलाव हुआ है और अब यह सीरिया और इराक में दोबारा मजबूत होने की कोशिश कर रहा है। इससे जुड़े आतंकवादी गुट अलग से चल रहे हैं।
इससे ISIL और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दुनिया के कई देशों की सामूहिक कोशिशों के लिए नई चुनौतियां खड़ी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि भारत आगे भी आंतकवाद के खिलाफ वैश्विक रणनीति को मजबूत करने में अपना योगदान जारी रखेगा। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र के तहत आंतकवाद के खिलाफ आपसी सहयोग के लिए अपना पूरा समर्थन देगा।
जयशंकर का कहना था कि आतंकवाद का कोई वर्ग नहीं होता और उसे केवल खतरे के तौर पर देखा जाना चाहिए।