Holi 2024: होली के नकली रंगों से बज जाएगी सेहत की बैंड, स्किन और आंखों के लिए हैं दुश्मन, रहें सावधान

Side Effects of Holi Colours: रंगों के बिना होली का त्योहार सूना होता है। अगर रंग में केमिकल की मिलावट हो तो होली का मजा और ज्यादा किरकिरा हो जाता है। यह किसी सजा से कम नहीं है। बाजार में इन दिनों केमिकल युक्त कलर भी मिलते हैं। जिनमें पारा, एस्बेस्टस, सिलिका, लेड जैसे तमाम केमिकल पाए जाते है। यह आखों और स्किन के लिए नुकसानदायक होते हैं

अपडेटेड Mar 09, 2024 पर 6:49 AM
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Holi 2024: नकली केमिकल युक्त रंगों की पहचान करना बेहद जरूरी होता है।

Holi 2024: होली के दिन दिल खिल जाते हैं, रंगों में रंग मिल जाते हैं, गिले-शिकवे भूलकर दुश्मन भी गले लग जाते हैं... होली के त्योहार को हर कोई बेसब्री से इंतजार कर रहा होता है। हर कोई इसकी मस्ती में डूब जाना जाता है। होली को रंगों का त्योहार कहा जाता है। लेकिन आजकल बाजार में बहुत से नकली रंग भी मिलते हैं, जो केमिकल युक्त हो सकते हैं। ऐसे रंगों से होली नहीं खेलना चाहिए। यह सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। इन नकली रंगों में लेड ऑक्साइड, कॉपर सल्फेट, मरकरी सल्फाइट, क्रोमियम आयोडाइड, एल्युमिनियम ब्रोमाइड, एस्बेस्टस, सिलिका आदि होते हैं।

ये केमिकल सेहत के लिए किसी दुश्मन से कम नहीं है। इससे बाल, स्किन, आंखों, फेफड़ों, किडनी आदि को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इतना ही नहीं अगर गलती ये रंग मुंह में चले गए तो कई बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है। होली के रंगों में आमतौर पर क्रोमियम मिला होता है। जिससे अस्थमा और एलर्जी की समस्या बढ़ सकती है।

स्किन को नुकसान पहुंचाते हैं  केमिकल वाले रंग


होली में बनने वाले कृत्रिम रंगों में केमिकल्स का इस्तेमाल होता है। काले रंग में लेड ऑक्साइड, हरे रंग में कॉपर सल्फेट, नीले में कोबाल्ट नाइट्रेट, जिंक सॉल्ट, लाल रंग में मरकरी सल्फेट जैसे केमिकल पाए जाते हैं। रंगों को चमक देने के लिए मिका और ग्लास पार्टिकल्स भी मिलाए जाते हैं। इन केमिकल्स के कारण त्वचा पर एलर्जी, खुजली, ड्राईनेस, चकत्ते, फोड़े-फुंसी, घाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बेहतर है कि होली के दिन हर्बल रंगों का इस्तेमाल करें। जिन लोगों को स्किन से जुड़ी समस्याएं हैं। उन्हें ऐसे केमिकल युक्त रंगों से कोसों दूर रहना चाहिए।

आंखों में बढ़ सकती है एलर्जी

हरा रंग कॉपर सल्फेट से बनाया जाता है। इसके आंखों में चले जाने से एलर्जी की समस्या बढ़ सकती है। केमिकल युक्त अगर ऐसे रंग में आंख में जाने पर जलन, चुभन, आंखों का लाल होना, एलर्जी, कॉर्नियल अल्सर, कंजंक्टिवाइटिस, अस्थायी ब्लाइंडनेस की समस्या आ सकती है। लिहाजा आंखों में अगर रंग चला जाए, तो आंखों को रगड़ें नहीं और तुरंत पानी से छींटे मारकर साफ करने की कोशिश करें।

केमिकल युक्त रंगों से किडनी पर पड़ता है असर

होली में इस्तेमाल किए जाने वाले काले रंग में मौजूद लेड ऑक्साइड सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करके किडनी को डायरेक्ट नुकसान पहुंचा सकते हैं। होली खेलते समय किसी के भी आंख, नाक, कान, मुंह में जबरदस्ती रंग ना डालना चाहिए।

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