Vietnam Bird Flu: दुनिया भर में बर्ड फ्लू का खतरा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। किसी न किसी देश से इस फ्लू से संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। इस बीच वियतनाम (Vietnam) में 21 साल का छात्र बर्ड फ्लू की चपेट में आ गया। इसके बाद उसकी मौत हो गई है। वियतनाम में H5N1 बर्ड फ्लू से यह पहली मौत है। वियतनाम के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी है। मंत्रालय ने कहा कि शख्स Nah Trang University का छात्र था। जिसकी मौत 23 मार्च को हो गई थी।
मृतक छात्र को 19 मार्च को शुरुआती दौर में बुखार और खांसी के लक्षण आए। जिसका उसने घरेलू उपाचर के जरिए ठीक करने की कोशिश की। इसके बाद जब आराम नहीं मिला तो मरीज को 16 या 17 मार्च को निन्ह होआ मेडिकल सेंटर (Ninh Hoa Medical Centre) में इलाज के लिए गया था। बाद में उसे निमोनिया के इलाज के लिए खान होआ जनरल अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया गया था।
वियतनाम में बर्ड फ्लू से पहली मौत
आउटलेट (outlet) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 19 मार्च को मरीज के सैंपल एकत्र किए गए। इसके अगले द्न इन्फ्लुएंजा A/H5 की पुष्टि हुई। लेकिन यह वायरस तेजी से बढ़ता गया। इसके दो दिन बाद यानी 23 मार्च को छात्र की मौत हो गई है। बर्ड फ्लू से वियतनाम में यह पहली मौत है। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों को इस बीमारी के बारे में चिता सताने लगी है। अधिकारियों ने बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए कड़े उपाय शुरू कर दिए हैं। बता दें कि वियतनाम जनवरी महीने से बर्ड फ्लू की मार झेल रहा है। वहीं इस मामले में स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि मौसम में बदलाव की वजह से बर्ड फ्लू का प्रकोप बढ़ा है। मंत्रालय ने इसके प्रसार को रोकने के लिए अपनी निगरानी बढ़ा दी है। इसके साथ ही सुरक्षा के भी कई उपाय किए जा रहे हैं।
बर्ड फ्लू को एवियन इन्फ्लुएंजा भी कहते हैं। यह एक वायरल इन्फेक्शन है। ये पक्षियों से पक्षियों में फैलता है। ज्यादातर पक्षियों के लिए यह जानलेवा भी साबित होता है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (CDC) के मुताबिक, बर्ड फ्लू आमतौर पर जंगली पक्षियों के जरिए पालतू पक्षियों में फैलता है। CDC का कहना है कि संक्रमित पक्षी की लार, नाक से निकलने वाला लिक्विड या मल के जरिए वायरस फैल सकता है। ऐसे में जब दूसरा पक्षी इससे संपर्क में आता है तो वो भी संक्रमित हो सकता है।
बर्ड फ्लू से संक्रमित होने के लक्षण
यह बीमारी मुख्य रूप से पक्षियों में पाई जाती है लेकिन कुछ मामलों में यह मनुष्यों में भी फैल सकती है। बर्ड फ्लू के लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और कभी-कभी दस्त और उल्टी शामिल हैं।
बर्ड फ्लू से बचाव के उपाय
स्वच्छता: हाथों को अच्छी तरह से और बार-बार धोएं, खासकर अगर आप पक्षियों के आसपास रहते हैं तब और ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। संक्रमित पक्षियों से दूरी बनाए रखें और उनके मल या अन्य स्राव के संपर्क में न आएं.। अंडे को अच्छी तरह पकाकर खाएं क्योंकि उच्च तापमान पर वायरस मर जाते हैं। इन्फ्लूएंजा के प्रकोप के बारे में जानकारी रखें और स्वास्थ्य संबंधी सलाह का पालन करें। अगर आपके इलाके में बर्ड फ्लू का प्रकोप हो तो पोल्ट्री फार्म्स पर जाने से बचें।