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जानें क्यों थोक डीजल बायर्स कर रहे हैं पेट्रोल पंप से Diesel की खरीददारी? क्या होगा इसका असर

भारतीय थोक डीजल खरीदार (Indian bulk diesel buyers) रिटेल स्टेशन से डीजल खरीद रहे हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 21, 2022 पर 11:04 AM
जानें क्यों थोक डीजल बायर्स कर रहे हैं पेट्रोल पंप से Diesel की खरीददारी? क्या होगा इसका असर
जानें क्यूं थोक डीजल बायर्स कर रहे हैं पेट्रोल पंप से Diesel की खरीददारी? क्या होगा इसका असर

भारतीय थोक डीजल खरीदार (Indian bulk diesel buyers) रिटेल स्टेशन से डीजल खरीद रहे हैं क्योंकि पंप की कीमतें उनके थोक अनुबंध की कीमतों से ​​25 रुपये ($ 0.33) प्रति लीटर सस्ता हैं भारतीय सरकारी ईंधन रिटेलरों  नें 4 नवंबर से पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई है। पेट्रोल-डीजल की लोकल सेल का ज्यादातर हिस्सा यहीं से आता है। लेकिन रिटेलरों ने औद्योगिक या थोक ग्राहकों के लिए डायरेक्ट सेल की कीमतें बढ़ाना जारी रखा है और इनके लिए कीमत रिटेल की तुलना में 25 रुपये अधिक है।

रिलायंस बीपी मोबिलिटी लिमिटेड (RBML) के प्रवक्ता ने कहा कि डीजल के खुदरा और औद्योगिक मूल्य के बीच 25 रुपये प्रति लीटर के बढ़े हुए डेल्टा के कारण ईंधन स्टेशनों पर मांग में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे थोक डीजल ग्राहकों को रिटेल दुकानों की ओर रूख पड़ रहा है।

रिलायंस के दुनिया की बड़ी रिफाइनिंग कॉम्पलेक्स जामनगर में ऑपरेट कर रहे हैं। वह ईंधन अन्य रिफाइनरी और रिटेल मार्कटे में बेच रहे हैं। प्रवक्का ने कहा कि डीलरों और B2B (बिजनेस टू बिजनेस) और B2C (बिजनेस टू कस्टमर्स) दोनों द्वारा ईंधन की बहुत भारी डिमांड है।

गैसोइल की बिक्री, जो भारत की कुल रिफाइंड ईंधन खपत का लगभग दो-पांचवां हिस्सा है, मार्च की पहली छमाही में पूर्व-महामारी के स्तर तक बढ़ गई, जो एक महीने पहले की तुलना में 32.8% अधिक है। प्रवक्ता ने कहा कि डीजल की बिक्री में बढ़ोतरी से वृद्धि से देश के लॉजिस्टिक और सप्लाई इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर पड़ा है। रिलायंस अपने रिटेल ग्राहकों और उसके निर्यात कॉन्ट्रेक्ट की डिमांड को पूरा करे करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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