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Ravi Pradosh Vrat 2026 Date: आषाढ़ का अंतिम प्रदोष व्रत भी होगा रविवार को, इस दिन बन रहा सर्वार्थ सिद्धि और इंद्र योग का दुर्लभ संयोग

Ravi Pradosh Vrat 2026 Date: प्रदोष हर हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। आषाढ़ माह का अंतिम प्रदोष व्रत रविवार के दिन किया जाएगा। इसलिए यह रवि प्रदोष व्रत होगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि और इंद्र योग का संयोग बन रहा है। आइए जानें इसकी तारीख

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 17, 2026 पर 8:35 PM
Ravi Pradosh Vrat 2026 Date: आषाढ़ का अंतिम प्रदोष व्रत भी होगा रविवार को, इस दिन बन रहा सर्वार्थ सिद्धि और इंद्र योग का दुर्लभ संयोग
रवि प्रदोष व्रत के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है।

Ravi Pradosh Vrat 2026 Date: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का महत्वपूर्ण स्थान है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और इसमें प्रदोष काल में पूजा का विधान है। माना जाता है कि सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में महादेव अपने निवास स्थान कैलाश पर प्रसन्न मुद्रा में विराजमान होते हैं। इस समय मां पार्वती संग शिव परिवार का पूजन विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

प्रदोष व्रत हर हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। इस समय आषाढ़ माह का शुक्ल पक्ष चल रहा है। इस माह का अंतिम प्रदोष व्रत रविवार के दिन रखा जाएगा, क्योंकि आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी तिथि रविवार के दिन पड़ रही है। खास बात यह है कि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और इंद्र योग बन रहा है। साथ ही इस दिन ज्येष्ठा नक्षत्र लगने से इसका महत्व और बढ़ गया है। आइए जानें आषाढ़ माह का अंतिम प्रदोष व्रत किस दिन किया जाएगा?

जुलाई का अंतिम प्रदोष 2026 तारीख

वैदिक पंचांग के अनुसार, 26 जुलाई को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि दोपहर में 1 बजकर 57 मिनट पर शुरू होगी। इस तिथि की समाप्ति 27 जुलाई को शाम 4 बजकर 14 मिनट पर होगी। इस व्रत में उदयातिथि की गणना नहीं होती है, प्रदोष काल का महत्व होता है। इस आधार पर जुलाई का अंतिम प्रदोष व्रत 26 जुलाई दिन रविवार को है। रविवार को होने वाले प्रदोष की वजह से यह रवि प्रदोष व्रत होगा।

रवि प्रदोष व्रत 2026 मुहूर्त

आषाढ़ माह के अंतिम प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 7 बजकर 16 मिनट पर शुरू होगा। यह मुहूर्त रात को 9 बजकर 21 मिनट पर खत्म होगा। प्रदोष के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:16 ए एम से लेकर 04:58 ए एम तक है, वहीं अभिजित मुहूर्त ठीक दोपहर 12:00 बजे से लेकर दोपहर 12 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। निशिता मुहूर्त देर रात 12:07 ए एम से लेकर 12:49 ए एम तक है।

रवि प्रदोष व्रत में रहेगा सर्वार्थ सिद्धि और इंद्र योग का संयोग

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