Agni 5 Missile Test: भारत-चीन सीमा पर तनाव जारी है। तवांग में संघर्ष से सीमा पर तनाव और ज्यादा बढ़ गया है। इस बीच भारत ने अपनी सबसे ताकतवर मिसाइल अग्नि-5 (Agni-5ICBM) का सफल परीक्षण किया। यह टेस्ट रात में किया गया है। पहली बार इस मिसाइल को पूरी रेंज में दागा गया है। रक्षा सूत्रों की तरफ से कहा गया है कि भारत ने सफलतापूर्वक अग्नि-5 मिसाइलों नाइट ट्रायल किया। ये परीक्षण ओडिशा द्वीप के अब्दुल कलाम (Abdul Kalam) द्वीप से किए गए हैं। इसकी मारक क्षमता 5,000 किमी से ज्यादा है। परीक्षण में डमी वॉर-हेड का इस्तेमाल किया गया था। इस परीक्षण को नई तकनीकी (technologies) और उपकरणों (equipment) के साथ किया गया था। ये मिसाइल पहले से हल्की है।
इस मिसाइल को डीआरडीओ (DRDO) और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) ने संयुक्त रूप से मिलकर बनाया है। इस मिसाइल के परीक्षण के बाद चीन और कई देशों को यह डर है कि इस मिसाइल की जद में उनका पूरा का पूरा क्षेत्रफल आ रहा है। अग्नि-5 सतह से सतह पर मार करने वाली बैलेस्टिक मिसाइल है।
अग्नि-5 मिसाइल (Agni-V) का वजन 5000 किलोग्राम है। यह 17.5 मीटर लंबी है। इसका व्यास 2 मीटर यानी 6.7 फीट है। इस पर 1500 किलोग्राम वजन का परमाणु हथियार लगा सकते हैं। इस मिसाइल में तीन स्टेज के रॉकेट बूस्टर हैं जो सॉलिड फ्यूल से उड़ते हैं। इसकी गति साउंड की स्पीड से 24 गुना ज्यादा है। यानी एक सेकेंड में 8.16 किलोमीटर की दूरी तय करती है। इस मिसाइल की मारक क्षमता को जरूरत पड़ने पर और बढ़ाया जा सकता है। परीक्षण करने से पहले भारत के अधिकारियों ने 15 दिसंबर को नोटिस भी जारी किया था। जिसमें बंगाल की खाड़ी को नो फ्लाई जोन (no-fly zone) घोषित किया था।
अग्नि-5 मिसाइल (Agni-V) 29,401 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दुश्मन पर हमला करती है। इसमें रिंग लेजर गाइरोस्कोप इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम, जीपीएस, NavIC सैटेलाइट गाइडेंस सिस्टम लगा हुआ है। अग्नि-5 मिसाइल टारगेट पर सटीक हमला करता है। अगर टारगेट अपनी जगह से हटकर 10 से 80 मीटर तक भी जाता है तो भी उसका बचना मुश्किल है। इस मिसाइल के बारे में वैज्ञानिक एम. नटराजन ने 2007 में पहली बार योजना बनाई थी।
मिसाइल की रेंज में आधी दुनिया
भारत अगर इस मिसाइल को दागता है तो वह पूरे एशिया, यूरोप का कुछ हिस्सा, यूक्रेन, रूस, जापान, इंडोनेशिया तक हमला कर सकता है। इस मिसाइल की सबसे खास बात है इसकी MIRV तकनीक (मल्टिपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल्स)। इस तकनीक में मिसाइल के ऊपर लगाए जाने वॉरहेड (Warhead) की संख्या बढ़ाई जा सकती है। यानी एक मिसाइल एक साथ कई टारगेट पर निशाना लगाया जा सकता है।