रखरखाव से जुड़ी समस्याओं के चलते विमानों की कमी की वजह से टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली एयर इंडिया को इस साल नवंबर और दिसंबर के बीच भारत-अमेरिका रूट्स पर लगभग 60 फ्लाइट कैंसल करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। एक एयरलाइन सूत्र ने यह जानकारी दी है। सूत्रों ने कहा कि जिन उड़ानों को यात्रा के पीक टाइम के दौरान रद्द किया गया है, उनमें सैन फ्रांसिस्को और शिकॉगो के लिए सर्विस भी शामिल हैं। एयर इंडिया ने बयान में गंतव्यों के नाम का खुलाया किए बगैर कहा कि उसने हेवी मेंटेनेंस और सप्लाई चेन में रिकावट के चलते कुछ विमानों की वापसी में देरी के कारण नवंबर और दिसंबर के बीच ‘छोटी’ संख्या में उड़ानें रद्द की हैं।
इसने यह भी कहा कि प्रभावित यात्रियों को ‘सूचित’ कर दिया गया है और उन्हें उसी या आसपास के दिनों में चलने वाली एयर इंडिया ग्रुप की दूसरे सेवाओं पर फ्लाइट ऑफर की गई है।
कहां-कहां की फ्लाइट हुई कैंसल?
न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया, "एयर इंडिया ने 15 नवंबर से 31 दिसंबर के बीच सैन फ्रांसिस्को, वाशिंगटन, शिकॉगो, नेवार्क और न्यूयॉर्क के लिए 60 उड़ानें रद्द कर दी हैं, क्योंकि इन गंतव्यों के लिए कुछ उड़ानें संचालित करने के लिए उसके पास पर्याप्त संख्या में बड़े आकार के विमान नहीं हैं।"
सूत्रों ने बताया कि इसके तहत एयर इंडिया ने दिल्ली-शिकॉगो रूट पर 14 फ्लाइट्स, दिल्ली-वाशिंगटन रूट पर 28 फ्लाइट, दिल्ली-SFO रूट के बीच 12 उड़ानें, मुंबई-न्यूयॉर्क रूट पर चार फ्लाइट्स और दिल्ली-नेवार्क रूट पर दो उड़ानें रद्द की हैं।
उन्होंने कहा, "एयर इंडिया को रखरखाव के लिए MRO ऑपरेटर से विमान मिलने में देरी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, इसके कुछ बड़े आकार के विमान तकनीकी समस्याओं के कारण खड़े हैं। इसके चलते विमानों की कमी हो गई है और उड़ानें रद्द हो रही हैं।"
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, "भारी रखरखाव और सप्लाई चेन में रुकावट के कारण कुछ विमानों की देरी से वापसी के कारण परिचालन बेड़े में अस्थायी कमी आई है, एयर इंडिया को इसका खेद है।"