देश में नए बिजनेस आइडियाज को आगे बढ़ाने और गांवों तक स्वरोजगार की लहर पहुंचाने के लिए आविष्कार फाउंडेशन ने एक बड़ा कदम उठाया है। फाउंडेशन ने भारतीय स्टार्टअप्स के लिए 2500 करोड़ रुपये का नया आविष्कार नेक्स्ट जेन फंड लॉन्च करने का ऐलान किया है। इस फंड के जरिए देश के लगभग 30 उभरते स्टार्टअप्स को वित्तीय और रणनीतिक मदद दी जाएगी। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में छोटे बिजनेसेज और युवाओं को तकनीक से जोड़ने के लिए 25 जिलों में एआई-संचालित JanAI कैफे खोलने की योजना बनाई गई है।
किन सेक्टर्स को मिलेगी ₹2500 करोड़ की मदद?
आविष्कार फाउंडेशन के चेयरमैन विनीत राय ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से खास बातचीत में बताया कि यह 2500 करोड़ रुपये का नया फंड खास तौर पर भारत पर ही केंद्रित रहेगा। अगले 3 से 5 सालों के भीतर इस रकम को अलग-अलग स्टार्टअप्स में इनवेस्ट किया जाएगा। विनीत राय ने बताया कि इस फंड का फायदा मुख्य रूप से इन सेक्टर्स में काम कर रहे स्टार्टअप्स को मिलेगा:
क्लीन टेक्नोलॉजी: पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना काम करने वाली तकनीक।
एनर्जी ट्रांजिशन: ग्रीन और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े प्रोजेक्ट्स।
रीसाइक्लिंग: कचरे के सही इस्तेमाल और रीसाइक्लिंग से जुड़े बिज़नेस।
क्लाइमेट टेक और फिनटेक: पर्यावरण संरक्षण और फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी से जुड़े प्लेटफॉर्म्स।
विनीत राय ने स्पष्ट किया कि हम सबसे पहले किसी भी स्टार्टअप के बिजनेस प्लान का सही तरीके से आकलन करते हैं। उसके बाद यह तय किया जाता है कि उनकी कुल प्रोजेक्ट लागत में से हम कितनी मदद कर सकते हैं। यह आविष्कार फाउंडेशन द्वारा लॉन्च किया गया सातवां फंड है।
100 स्टार्टअप्स को अब तक बांट चुके हैं ₹5500 करोड़
फाउंडेशन के अब तक के ट्रैक रिकॉर्ड की जानकारी देते हुए चेयरमैन ने बताया कि उनकी संस्था नए उद्यमियों को उनके आइडिया पर काम करने और बिजनेस स्थापित करने में मदद करती है। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन अब तक करीब 100 स्टार्टअप्स को 5000 करोड़ से 5500 करोड़ रुपये की मदद पहुंचा चुका है। इसमें से 85 प्रतिशत फंड भारत के ही स्टार्टअप्स को दिया गया है, जबकि बाकी का हिस्सा बांग्लादेश, इंडोनेशिया और पूर्वी अफ्रीका जैसे विकासशील देशों के नए व्यवसायों को मिला है। इन स्टार्टअप्स में खेती-किसानी, डेयरी, हेल्थकेयर, एजुकेशन और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े कई सफल प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
पूर्वी UP के 25 जिलों में खुलेंगे JanAI कैफे
संकल्प भारत 2026 कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार और उद्यमशीलता को नई दिशा देने के लिए एक अहम समझौता (MoU) भी किया गया। यह त्रिपक्षीय समझौता आविष्कार फाउंडेशन, हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन और जनएआई टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुआ है। इसके तहत पूर्वी उत्तर प्रदेश के 25 जिलों में AI तकनीक से चलने वाले JanAI कैफे शुरू किए जाएंगे, जो स्थानीय युवाओं और छोटे कारोबारियों को अपनी क्षमताएं बढ़ाने और नए मौके तलाशने में मदद करेंगे।
जानिए क्या काम करता है आविष्कार फाउंडेशन?
मुंबई स्थित आविष्कार फाउंडेशन असल में आविष्कार ग्रुप की एक नॉन-प्रॉफिट (गैर-लाभकारी) संस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत के पिछड़े और दूर-दराज़ के इलाकों में रहने वाले कम आय वाले परिवारों को कमाई और रोजगार के नए साधन मुहैया कराना है। फाउंडेशन नए और महत्वाकांक्षी बिजनेसमैन को उनका काम सेट करने, कमाई बढ़ाने और वित्तीय जोखिम कम करने में मदद करता है। इसके अलावा यह उत्तर प्रदेश और देश के अन्य विकासशील राज्यों के छात्रों को बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप (उद्यमिता) की पढ़ाई और ट्रेनिंग देने पर भी खास ध्यान देता है।