Air India Express Flight cancellations: नागर विमानन मंत्रालय ने टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली एयरलाइन में कथित मिसमैनेजमेंट के खिलाफ प्रदर्शन के तौर पर बड़ी संख्या में क्रू-मेंबर्स के बीमार होने के बीच उड़ानों को रद्द करने पर एअर इंडिया एक्सप्रेस से एक रिपोर्ट मांगी है। एअर इंडिया ने बड़ी संख्या में चालक दल के सदस्यों के बीमार होने की सूचना देने के बाद मंगलवार रात से करीब 80 से अधिक उड़ानों को रद्द कर दिया।
एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि मंत्रालय ने उड़ानों को रद्द करने के संबंध में एअर इंडिया एक्सप्रेस से एक रिपोर्ट मांगी है और उनसे मुद्दों को जल्द ही हल करने को कहा है। एयरलाइन को नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के नियमों के अनुसार यात्रियों को सुविधाएं मुहैया कराने की भी सलाह दी गई है।
पीटीआई के मुताबिक, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने मंगलवार (7 मई) रात से अपनी 80 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी हैं। एअर इंडिया एक्सप्रेस के सीनियर क्रू-मेंबर्स एक साथ छुट्टी पर चले गए हैं। एयरलाइन के मिसमैनेजमेंट के खिलाफ प्रदर्शन के तौर पर बड़ी संख्या में चालक दल के वरिष्ठ सदस्यों ने बीमार होने की सूचना दी है। इसके बाद देश के अनेक हवाईअड्डों पर सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं।
यात्रियों ने किया प्रदर्शन
केरल के कुछ हवाईअड्डों पर एयर इंडिया एक्सप्रेस के कई यात्रियों ने अंतिम समय में अपनी उड़ान रद्द होने के खिलाफ प्रदर्शन किया जिनमें अधिकतर खाड़ी देशों की यात्रा करने वाले थे। कुछ यात्रियों ने दावा किया कि उन्हें सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद उड़ान निरस्त होने की सूचना दी गई। कोच्चि, कालीकट तथा बेंगलुरू समेत अनेक एयरपोर्ट पर यात्रियों ने प्रदर्शन किया
एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी चालक दल के सदस्यों द्वारा बीमार होने की सूचना देने के संबंध में कारणों का पता लगाने के लिए उनसे बातचीत कर रही है। कंपनी ने उड़ानें रद्द होने या इनमें देरी के लिए खेद जताया।
एयर इंडिया एक्सप्रेस में AIX कनेक्ट (पूर्ववर्ती एयरएशिया इंडिया) के विलय की प्रक्रिया चल रही है। पिछले कुछ समय से खासतौर पर विलय की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से इसके चालक दल के कुछ सदस्यों में असंतोष व्याप्त है।
एक साथ बीमार हुए 200 कर्मचारी
सूत्रों ने बुधवार को पीटीआई को बताया कि ऐसा समझा जा रहा है कि एयरलाइन के कथित मिसमैनेजमेंट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के तौर पर चालक दल के 200 से अधिक सदस्यों ने बीमार होने की सूचना दी है। एयरलाइन कर्मियों की कमी की वजह से मंगलवार रात से अब तक 80 से अधिक उड़ान रद्द करनी पड़ी हैं और बड़ी संख्या में उड़ानों में देरी हुई है। कंपनी को मार्च के अंतिम सप्ताह में शुरू हुई समर पीरियड में रोजाना 360 उड़ानों का परिचालन करना है।
सूत्रों ने बताया कि घरेलू उड़ानों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय विमानों के अचानक से रद्द होने के कारण कुछ हवाईअड्डों पर अफरा-तफरी की स्थिति देखी गई। एयर इंडिया एक्सप्रेस चालक दल के एक एसोसिएशन ने पिछले महीने आरोप लगाया था कि विमानन कंपनी में मिसमैनेजमेंट की स्थिति है और कर्मचारियों के साथ समान बर्ताव नहीं किया जा रहा।
एक महीने पहले ही टाटा ग्रुप की विस्तारा एयरलाइन कंपनी में पायलटों के असंतोष के बाद उसे प्रतिदिन उड़ानों की संख्या में 10 प्रतिशत तक या 25 से 30 उड़ान की कटौती करनी पड़ी थी। एक महिला को अपने जुड़वां बच्चों और पति के साथ कन्नूर से शारजाह जाना था। उड़ान रद्द होने पर क्षोभ व्यक्त करते हुए उसने बुधवार को कहा कि उसे नौ मई को फिर से ड्यूटी के लिए पहुंचना है, लेकिन एयर इंडिया एक्सप्रेस उसे 10 मई को कोच्चि से उड़ान की पेशकश कर रही है।