आंध्र प्रदेश में एक लोन ऐप के एजेंटों की तरफ से रिकवरी के लिए बार-बार फोन कर प्रताड़ित किए जाने से परेशान एक कपल ने आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इसके बाद, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अधिकारियों को कपल को परेशान करने और ब्लैकमेल करने के लिए ऑनलाइन पैसे उधार देने वाले ऐप के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुर्गाराव और राम्या लक्ष्मी ने अलग-अलग लोन ऐप से कर्ज लिया था। चूंकि वे आर्थित स्थिति खराब होने की वजह से कर्ज की राशि नहीं चुका सके। इसके बाद लोन एजेंटों ने उन्हें यह कहकर धमकी देना शुरू कर दिया कि वे उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करेंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को पूर्वी गोदावरी जिले के राजमुंदरी में रहने वाले कपल एजेंटों द्वारा उत्पीड़न के कारण आत्महत्या कर ली। इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार सामने आई है। सरकार का कहना है कि कोई भी लोन मुहैया करने वाली कंपनी अपने ग्राहको के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं कर सकता है।
जगन मोहन रेड्डी ने पूर्वी गोदावरी जिला कलेक्टर माधवी लता को पीड़िता के बच्चों को 5-5लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने गुरुवार को कहा कि सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अधिकारियों को ऑनलाइन मनी लेंडिंग ऐप के जरिए ऑनलाइन मनी लेंडिंग ऐप्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
पिछले महीने दिग्गज सर्च इंजन कंपनी गूगल ने जानकारी दी थी कि उसने इस साल जनवरी में भारत में प्ले स्टोर से 2,000 से अधिक लोन ऐप्स को शर्तों का उल्लंघन करने और गलत जानकारी देने के आरोप में हटा दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि टेक दिग्गज आने वाले हफ्तों में इस क्षेत्र में अधिक जांच के लिए नीतियों को कड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।