Bharat Bandh 2022: ऑल इंडिया बैकवर्ड एंड माइनॉरिटी कम्युनिटीज एम्पलॉइज फेडरेशन (BAMCEF) ने आज बुधवार 25 मई 2022 को भारत बंद का ऐलान किया है। फेडरेशन की मांग पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने और अन्य पिछड़ी जातियों (OBC) के लिए जाति आधारित जनगणना कराने की है। फेडरेशन की डिमांड नहीं माने जाने पर ही बंद का ऐलान किया गया। भारत बंद को बहुजन मुक्ति पार्टी, भारत मुक्ति मोर्चा आदि का समर्थन हासिल है।
इन राज्यों में पड़ेगा ज्यादा असर
भारत बंद के असर की बात करें तो बंद के कारण पब्लिक ट्रांसपोर्ट और बाजार आदि पर असर देखने को मिल सकता है। इससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस बंद का असर उत्तर प्रदेश के साथ बिहार के कुछ इलाकों में ज्यादा देखने को मिल सकता है। भारत बंद का असर दुकान और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर होगा। भारत बंद का समर्थन कर रहे लोगों ने सोशल मीडिया पर दुकानदारों को 25 मई को दुकानें बंद करने के लिए कहा है।
बंद को इन पार्टियों ने दिया समर्थन
बंद को बहुजन मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजन वामन मेश्राम के साथ भारत मुक्ति मोर्चा, नेशनल परिवर्तन मोर्चा, बहुजन क्रांति मोर्चा और सभी संबद्ध संगठनों का समर्थन भी हासिल है। भारत बंद का समर्थन कर रहे लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस बारे में प्रचार कर रहे हैं। ये कारोबार और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बंद करने की अपील कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों की मांगें इस प्रकार हैं...
-चुनाव में ईवीएम के इस्तेमाल पर रोक।
-पुरानी पेंशन दोबारा शुरू करना।
-किसानों को एमएसपी की गारंटी देना।
-लोगों को टीका लगवाने के लिए मजबूर न करना।
-एनआरसी/सीएए/एनपीआर की कवायद रोकने।
-पर्यावरण संरक्षण की आड़ में आदिवासियों का विस्थापित न करना।
-ओडिशा और मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण में पृथक निर्वाचक मंडल के लिए मांग की जा रही है।
-निजी क्षेत्र में एससी, एसटी, ओबीसी को आरक्षण।
-श्रम कानूनों के खिलाफ सुरक्षा की मांग, जो कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान मजदूरों के खिलाफ सख्त बनाए गए हैं।