देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (Chief of Defence Staff, CDS) जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat) की हेलिकॉप्टर हादसे में आकस्मिक निधन के बाद अब उनके उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाए शुरू हो गई हैं। केंद्र विचार कर रही है कि इस पद पर जनरल रावत का ही समकक्ष कोई पूर्व अधिकारी बैठेगा या मौजूदा सैन्य प्रमुखों में से किसी की नियुक्ति की जाएगी।
बिपिन रावत के निधन के बाद चीन और पाकिस्तान की वजह से सीमा पर भारत के सामने जो सुरक्षा संबंधी चुनौतियां हैं, उसकी वजह से सीडीएस का पद लंबे समय खाली नहीं रखा जा सकता है। एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि सरकार को बिपिन रावत के उत्तारिधाकारी की घोषणा के साथ सैन्य बलों के लिए सक्सेशन प्लान भी लाना होगा, जिसे जल्दी से अंजाम पर पहुंचाया जा सके।
नए सीडीएस का नाम रक्षा मामलों से जुड़ी एक उच्च स्तरीय समिति तय करेगी, जिसके अध्यक्ष रक्षा मंत्री होते हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह समिति अगले 8 से 10 दिनों के भीतर नए सीडीएस का नाम सरकार को दे देगी। रक्षा मंत्रालय ने सीडीएस के लिए जो नियम तय किए हैं, उनके तहत ही नाम तय किया जाएगा। नियम के अनुसार, सेना के तीनों अंगों का कोई कमांडिंग अधिकारी या फ्लैग अफसर इस पद के काबिल है। इस पद पर नियुक्त अधिकारी 65 साल की उम्र तक सेवा दे सकता है।
एक अधिकारी ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा कि यह अभूतपूर्व स्थिति है, क्योंकि जनरल रावत देश के पहले सीडीएस थे। सरकार को शीर्ष सैन्य अधिकारी को चुनकर उसे सीडीएस नियुक्त करना होगा। तीनों सेनाओं का सक्सेशन प्लान तो आमतौर पता है लेकिन सीडीएस के बारे में ऐसा नहीं है क्योंकि यह नया पद है।
उन्होंने कहा कि जनरल रावत की मौत के बाद सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवाने देश के सबसे सीनियर मिलिट्री अधिकारी बन गए हैं। वहीं, वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी और नेवी चीफ एडमिरल आर हरि कुमार, दोनों ही उनसे दो साल जूनियर हैं।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि अगर सरकार वरिष्ठता का ध्यान रखती है तो इस बात की प्रबल संभावना है कि जनरल मनोज मुकुंद नरवाने को देश का अगला सीडीएस बना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद सेना प्रमुख का पद खाली हो जाएगा और सरकार को नया आर्मी चीफ चुनना होगा। जनरल रावत की मौत का सैन्य बलों के सक्सेशन लाइन-अप पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा।
नरेंद्र मोदी सरकार ने योग्यता, ट्रैक रिकॉर्ड और विजन के आधार पर तत्कालीन पूर्वी और दक्षिणी सेना कमांडरों को दरकिनार बिपिन रावत को भारत का 27वां चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ नियुक्त किया। जम्मू-कश्मीर और उत्तर-पूर्व में कार्यकाल का जनरल रावत का अनुभव भारी पड़ा था और फैसला उनके पक्ष में गया था। रावत तीन साल का आर्मी चीफ का कार्यकाल पूरा करने के बाद 31 दिसबंर 2019 को देश के पहले सीडीएस बने थे।