केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (Central Bureau of Investigation) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए देश से फरार बैंक घोटाले के आरोपी मेहुल चौकसी (Mehul Choksi) समेत कई अन्य आरोपियों के खिलाफ दो नई FIR दर्ज की हैं। CBI की तरफ से दर्ज उन दोनों FIR के मुताबिक, मेहुल चौकसी की कंपनी गीतांजलि जेम्स (Gitanjali Gems) और नक्षत्र ब्रांड (Nakshatra Brands) ने कई बैंकों के साथ करीब 6,371 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े को अंजाम दिया।
CBI की FIR के मुताबिक आरोप है कि पंजाब नेशनल बैंक (PNB) समेत 9 बैंक समूह से मेहुल चोकसी से जुड़ी कंपनियों ने फर्जी कागजातों के आधार पर LOU जारी करवाया था, बाद में ये तमाम कंपनी NPA घोषित हो गई थीं। इसके चलते उन 9 बैंकों को करीब 6371 करोड़ का नुकसान हुआ।
ये करोड़ो रुपए के घोटाले का मामला 1 अप्रैल 2010 से लेकर 31 जनवरी 2018 के बीच का मामला है। इसमें 9 बैंकों के समूहों के तौर पर पंजाब नेशनल बैंक के जनरल मैनेजर की तरफ से 21 मार्च 2022 को लिखित तौर पर CBI के मुंबई जोन दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई गई थी। उसके बाद तमाम मामलों की पड़ताल करते हुए CBI ने 14 दिसंबर 2022 को दो और नई FIR दर्ज कर ली हैं।
सीबीआई की तरफ से दर्ज इन दोनों नई FIR के मुताबिक, पहली दर्ज हुई FIR में मेहुल चौकसी और उससे जुड़ी कंपनियों के की तरफ से 9 बैंकों को करोड़ो रुपए का चूना लगाया गया है।
1. पंजाब नेशनल बैंक - 210 करोड़ का नुकसान
2. बैंक ऑफ बड़ोदा - 45.18 करोड़ का नुकसान
3. बैंक ऑफ इंडिया - 38.97 करोड़ का नुकसान
4. केनरा बैंक - 84.84 करोड़ का नुकसान
5. IDBI बैंक - 127.68 करोड़ का नुकसान
6.यूनियन बैंक - 128.48 करोड़ का नुकसान
7. SBI बैंक - 44.66 करोड़ का नुकसान
8. एक्सिस बैंक - 39.30 करोड़ का नुकसान
9. ICICI बैंक - 121 .72 करोड़ का नुकसान
वहीं CBI की दूसरी दर्ज FIR के तहत तमाम आरोपों से जुड़ी फेहरिस्त काफी लंबी है। भारत में हजारों करोड़ रुपए के बैंक घोटाले को अंजाम देने के बाद फरार मेहुल चौकसी (Mehul Choksi) फिलहाल एंटीगुआ (Antigua) में रह रहा है।
हालांकि, उसके खिलाफ भारतीय जांच एजेंसी CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच रिपोर्ट के आधार पर भारत सरकार उस आरोपी को भारत में प्रत्यर्पण (extradition) कराने की कोशिश में है।