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राज्यों में बिजली पर दी जाने वाली सब्सिडी पर केंद्र सख्त, REC और PFC से 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा-सूत्र

राज्यों में बिजली पर दी जाने वाली सब्सिडी को लेकर केंद्र सरकार सख्त होती हुई दिख रही है। इस पर केंद्र सरकार ने सख्ती दिखाते हुए सब्सिडी पाने वाले अकाउंट का ब्यौरा मांगा है। जबकि इस संबंध में लागत के आधार पर पावर टैरिफ तय करने की शर्त लगाने की बात कही है। पावर मिनिस्ट्री ने REC और PFC से 15 दिनों के बिजली सब्सिडी पर रिपोर्ट सौंपने को कहा है

Lakshman Royअपडेटेड Jul 10, 2023 पर 2:33 PM
राज्यों में बिजली पर दी जाने वाली सब्सिडी पर केंद्र सख्त, REC और PFC से 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा-सूत्र
सूत्रों के मुताबिक पिछले दिनों ऊर्जा मंत्रालय की हुई बैठक में लागत के आधार पर पावर टैरिफ तय करने की शर्त लगाने को कहा गया है

भारत के तमाम राज्यों में बिजली पर दी जाने वाली सब्सिडी को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है। सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार के अंतर्गत कार्यरत पावर मिनिस्ट्री ने REC और PFC से 15 दिनों के भीतर राज्यों द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी पर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। राज्य सरकारों द्वारा अपने हितों को साधने के लिए बिजली पर सब्सिडी दी जाती है। इस पर केंद्र सरकार ने सख्ती दिखाते हुए सब्सिडी पाने वाले अकाउंट का ब्यौरा मांगा है। जबकि इस संबंध में लागत के आधार पर पावर टैरिफ तय करने की शर्त लगाने की बात कही है। हमारे सहयोगी चैनल सीएनबीसी-आवाज़ के सूत्रों के हवाले से ये खबर मिली है।

इस खबर पर ज्यादा डिटेल्स बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय ने कहा कि पिछले दिनों ऊर्जा मंत्रालय की इस संबंध में बैठक हुई थी। उसमें इस बात पर चर्चा हुई कि केंद्र की तरफ पावर रिफॉर्म को लेकर राज्यों को जो ग्रांट दिया जाता है या मदद दी जाती है, उस पर सख्ती की जायेगी।

बिजली सब्सिडी पर केंद्र की सख्ती

लक्ष्मण रॉय ने सूत्रों के हवाले से आगे कहा कि केंद्र सरकार ने इसके संबंध में राज्यों से सब्सिडी वाली बिजली के यूनिट अनुसार ब्योरा मांगा है। सब्सिडी पाने वाले अकाउंट का ब्यौरा मांगा गया है। सरकार का कहना है कि राज्य सरकारों को बिजली देते समय बिजली बनाने की लागत का ध्यान रखना चाहिए। ऐसा नहीं कि औने-पौने भाव में बिजली बेच दी जाये।

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