भारत आज एक बहुत बड़ा इतिहास रचने की कगार खड़ा पर है। अब से कुछ घंटों बाद भारत की स्पसे एजेंसी ISRO अपने तीसरे मून मिशन (Moon Mission) चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) को चांद पर उतारेगी। इस पूरे मिशन का सबसे अहम हिस्सा ही चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग (Soft Landing) कराना है। वैसे तो वैज्ञानिकों से लेकर आम जनता तक सभी को पूरी उम्मीद है कि इसबार हम चांद के साउथ पोल पर एक सॉफ्ट लैंडिंग करने में कामयाब होंगे, फिर भी कुछ एक आशंकाएं सभी के मन में है। इसी को लेकर Moneycontrol Hindi ने बात की वैज्ञानिक डॉ. अरुण प्रताप सिकरवार (Dr. Arun P Sikarwar) से और जाना की आखिर ये सॉफ्ट लैंडिंग इतनी अहम क्यों है?
