सर्जिकल स्ट्राइक के प्लान से लेकर डोकलाम में चीन को धकेलने तक, CDS बिपिन रावत के करियर की ये हैं बड़ी उपलब्धियां

CDS बिपिन रावत का तमिलनाडु के किन्नूर में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने से मृत्यु हो गई

अपडेटेड Dec 08, 2021 पर 10:05 PM
CDS बिपिन रावत के करियर की उपलब्धियां

भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत (CDS Bipin Rawat), उनकी पत्नी और 11 अन्य सैन्य कर्मियों की बुधवार को तमिलनाडु के किन्नूर के पास सेना का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त (army helicopter crash) होने से मौत हो गई। भारतीय एयरफोर्स ने यह जानकारी दी।

CDS, बिपिन रावत तमिलनाडु के वेलिंगटन में स्थित 'डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (DSSC)' में स्टूडेंट ऑफिसर्स और फैकल्टी को संबोधित करने जा रहे थे, तभी यह दुखद हादसा हुआ। ऐसा कहा जा रहा है कि यह हादसा कोहरे के चलते विजिबिलटी कम होने के चलते हुआ। भारतीय वायुसेना ने हादसे की जांच के लिए 'कोर्ट ऑफ इंक्वायारी' के आदेश दिए हैं।

CDS बिपिन रावत और अन्य को लेकर हेलीकॉप्टर ने कोयंबटूर के पास सुलुर स्थित वायुसेना के स्टेशन से उड़ान भरी थी और इसे करीब एक घंटे बाद वेलिंगटन में डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (DSSC) में उतरना था। हालांकि बीच में निलिगिरी के वन इलाके में यह दुर्घटना का शिकार हो गया।


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जनरल रावत ने 17 दिसंबर 2016 से 31 दिसंबर 2019 तक इंडियन आर्मी के चीफ के रूप में कार्य किया था। उन्हें 31 दिसंबर 2019 को देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के रूप में नियुक्त किया गया था।

जनरल बिपिन रावत के करियर की कुछ शानदार उपलब्धियां ये हैं:

  • 63 वर्षीय रावत, भारतीय सेना में सबसे वरिष्ठ अधिकारी थे। वह देश के पहले चीफ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) थे। इस पद को केंद्र सरकार ने 2019 में बनाया था। CDS के रूप में, रावत चार स्टार पाने वाले जनरल बन गए थे। वह रक्षा मंत्रालय के सलाहकार थे और तीनों सशस्त्र बलों में समन्वय लाने और उनकी लड़ाकू क्षमताओं के एककीकरण के कार्य देख रहे थे।
  • जनरल बिपित रावत इस समय सशस्त्र बलों के बीच तालमेल लाने और उनकी लड़ाकू क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक महत्वाकांक्षी त्रि-सेवा योजना पर काम कर रहे थे। इस एकीकृत त्रि-सेवा कमान का उद्देश्य देश की वायु सुरक्षा के लिए एक कमान के तहत भारत की तीनों सेनाओं के संसाधनों को एकजुट करना है। एकीकृत की स्थापना थल सेना, वायु सेना और नौसेना को वायु सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए होगी।
  • रावत को पाकिस्तान के खिलाफ कुछ सबसे कड़े कदम उठाने और पूर्वोत्तर भारत में उग्रवाद को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का श्रेय दिया जाता है। भारतीय वायुसेना ने जब बालाकोट में हमले किए थे, तब जनरल रावत की अगुआई में भारतीय सेना ने पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान किया था।
  • उरी बेस कैंप पर 2016 में आतंकवादी हमला होने के बाद उनकी अगुआई में सर्जिक स्ट्राइक की योजना बनाई गई थी। भारतीय सेना की एक टुकड़ी ने एलओसी पार करने आतंकवादियों के ठिकाने पर हमले किए थे। जनरल रावत उस समय नई दिल्ली में साउथ ब्लॉक से इस घटना की निगरानी कर रहे थे।
  • उन्होंने उत्तरी और पूर्वी कमांड सहित कुछ बेहद कठिन इलाकों में सेवा दी है। उनकी अगुआई में भारतीय सेना ने डोकलाम में करीब दो महीने तक चले लंबे गतिरोध के बाद चीन को पीछे ढकेलने पर मजबूर किया था। चीन से सीमा विवाद के बाद उन्होंने सैन्य मोर्चा संभाला था। कहा जाता है कि रावत ने भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच बेहतर संबंध बनाने में भूमिका निभाई।
  • जनरल बिपिन रावत को भारतीय सेना में दी गई उनकी विशिष्ट सेना के लिए परम विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल और सेना मेडल से सम्मानित किया गया था।

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