देश के लोगों की जासूसी और ऐप्स का इस्तेमाल रोकने के मकसद से केंद्र सरकार एक रेगुलेशन लाने पर विचार कर रही है। इस कदम को बॉर्डर पर चीन के आक्रामक रवैये के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले इसी तरह का रेगुलेशन टेलीकॉम इक्विपमेंट के लिए लाया जा चुका है।
सायबर जासूसी पर रोक के लिए सरकार टेलीकॉम इक्विपमेंट्स और नेटवर्किंग प्रोडक्ट्स के लिए विश्वसनीय सोर्सेज और कंपनियों की एक लिस्ट बना रही है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार का इरादा हुआवे और ZTE जैसी चीन की कंपनियों को टेलीकॉम नेटवर्क्स के महत्वपूर्ण एरिया से बाहर करने का हो सकता है।
एक एक्सपर्ट ने बताया कि सरकार की ओर से कंपनियों को डराया नहीं जाएगा लेकिन यह पक्का करने की जरूरत है कि सुरक्षा से जुड़ा कोई खतरा न हो। अगर सुरक्षा कारणों से हैंडसेट्स की जांच होती है तो चीन की कंपनियों को इससे समस्या नहीं होनी चाहिए।
इसके अलावा सरकार की योजना स्मार्टफोन कंपनियों, विशेषतौर पर चाइनीज कंपनियों के आचरण की जांच करने की भी है। इसमें टैक्सेशन से जुड़े मुद्दे भी शामिल होंगे। टैक्स अथॉरिटीज ने हाल ही में चीन की टेलीकॉम इक्विपमेंट कंपनी ZTE के परिसरों पर छापे मारे थे।
चीन की टेलीकॉम इक्विपमेंट कंपनियों के खिलाफ अमेरिका भी कड़े कदम उठा चुका है।