ICC World Cup 2023: भारत की मेजबानी में 50 ओवरों वाले क्रिकेट वर्ल्ड कप का आयोजन किया जा चुका है। इस वर्ल्ड कप में अभी तक भारतीय टीम का विजयी अभियान जारी है। भारतीय टीम पांच बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को हरा कर प्वाइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर विराजमान है। हर बार क्रिकेट वर्ल्ड कप में कई सारे रिकॉर्ड्स बनते और टूटते हैं। लेकिन आपको बता दें कि भारतीय टीम के नाम पर क्रिकेट वर्ल्ड कप से जुड़ा एक ऐसा अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है जिसे किसी भी टीम के लिए तोड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है।
ऐसा रिकॉर्ड बनाने वाला भारत है इकलौता देश
भारतीय टीम अभी तक दो बार क्रिकेट वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को अपने नाम कर चुकी है। भारत ने सबसे पहली बार साल 1983 में कपिलदेव की कप्तानी में वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। उस वक्त बेहद ही कमजोर मानी जाने वाली भारतीय टीम ने क्रिकेट की उस दौर की 'महाशक्ति' समझी जाने वाली वेस्टइंडीज की टीम को हराते हुए वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था। खास बात यह है कि उस वर्ल्ड कप में एक मैच की एक इनिंग में 60 ओवर फेंके जाते थे। इस तरह देखें तो 60 ओवरों वाला वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाला भारत दूसरा देश था। पहले के दोनों ही वर्ल्ड कप वेस्टइंडीज की टीम ने अपने नाम किया था।
कब जीता था 50 ओवरों वाला वर्ल्ड कप
इसके बाद साल दर साल गुजरते गए पर भारत की पहुंच से वर्ल्ड की ट्रॉफी दूर ही रही। हालांकि भारत ने साल 2003 में दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी में खेले गए विश्व कप टूर्नामेंट के फाइनल में अपनी जगह जरूर बनाई पर उसे ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। उसके बाद साल 2011 में भारत की मेजबानी में विश्व कप टूर्नामेंट का आयोजन हुआ। जिसमें महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को हराते हुए वर्ल्ड कप अपने नाम किया।
भारत जीत चुका है T-20 वर्ल्ड कप
भारतीय टीम के नाम पर पहला टी-20 वर्ल्ड कप जीतने का रिकॉर्ड भी है। भारत ने साल 2007 में आयोजित किए गए पहले टी-20 वर्ल्ड कप को अपने नाम किया था। इस टूर्नामेंट के फाइनल मैच में भारत ने पाकिस्तान को हराते हुए ट्रॉफी को अपने नाम किया था। इस तरह से देखा जाए तो भारत इकलौता ऐसा देश है जिसने अभी तक 60 ओवर, 50 ओवर और 20 ओवरों वाले विश्व कप की ट्रॉफी को अपने नाम किया है। क्योंकि अब 60 ओवरों वाले वनडे मैच का फॉर्मैट ही खत्म हो चुका है जिस वजह से भारत के इस रिकॉर्ड को तोड़ना मुश्किल ही नहीं बल्की नामुमकिन भी है।