ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल में रिकॉर्ड तेजी आई है। सऊदी अरब के तेल कुओं पर ड्रोन से हुए हमले से ग्लोबल सप्लाई 5 फीसदी तक घट गई है। सोमवार सुबह जब ऑयल मार्केट खुला तो ब्रेंट फ्यूचर के भाव कुछ सेकेंड के भीतर ही 12 डॉलर प्रति बैरल चढ़ गए। 1988 में शुरू होने के बाद पहली बार क्रूड प्राइस में इतनी ज्यादा तेजी आई है।

न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कॉन्ट्रैक्ट्स दो मिनट के लिए थम गया था। सऊदी अरब की सरकारी ऑयल कंपनी सऊदी अरामको को शनिवार को प्रति दिन 57 लाख बैरल का नुकसान हुआ है। 14 सितंबर शनिवार को अब्कैक और खुरैश ऑयल प्लांट पर करीब 10 ड्रोन ने हमला किया। यह दुनिया का सबसे बड़ा प्लांट है। 

ऑयल कंपनियों के लिए यह अचानक आई बड़ी मुश्किल है। मौजूदा ड्रोन हमले में हुआ लॉस अगस्त 1990 के कुवैत और इराकी पेट्रोलियम कुओं से होने वाले नुकसान से ज्यादा हो गया है। उस वक्त सद्दाम हुसैन ने ईरान पर आक्रमण कर दिया था। अमेरिका के एनर्जी डिपार्टमेंट के आंकड़ों के मुताबिक, 1990 में ईरान को हुआ नुकसान 1979 के इस्लामिमक रेवोल्यूशन के मुकाबले ज्यादा था।  

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