साइरस मिस्त्री की मौत के बाद सड़क दुर्घटना की सेफ्टी को लेकर फिर से जोर दिया जाने लगा है। केंद्रीय सड़क परिवन और राजमार्ग मंत्री (Union Minister for Road Transport and Highways) नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए आम आदमी की मानसिकता को बदलने की जरूरत है। गडकरी ने कहा कि लोगों को लगता है कि पीछे बैठने वालों को सीट बेल्ट की जरूरत नहीं है। यह समस्या है। मैं किसी दुर्घटना पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। लेकिन आगे और पीछे बैठने वालों दोनों को सीट बेल्ट पहनने की जरूरत है।
नितिन गडकरी ने ये बातें IAA के वैश्विक शिखर सम्मेलन Nations as Brand को संबोधन के दौरान कही है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द सभी कारों में 6 एयरबैग्स को अनिवार्य बनाया जाएगा। रोड सेफ्टी के मामले में जो इंटरनेशनल पैरामीटर हैं। उनसे कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
गडकरी ने कहा आम लोगों की कारों को भूल जाओ। मैंने 4 मुख्यमंत्रियों की कारों में यात्रा की थी। मुझसे नाम मत पूछो। मैं आगे की सीट पर बैठा था। मैंने पाया कि एक क्लिप लगी हुई थी (सीट बेल्ट को फंसाने वाले पोर्ट में), ताकि सीट बेल्ट नहीं लगी होने पर गाड़ी का इंडिकेटर आवाज न करे। मैंने चारों मुख्यमंत्रियों के ड्राइवरों से पूछा कि सीट बेल्ट कहां है? ताकि मैं कार चलने के पहले सीट बेल्ट पहन सकूं। अब मैंने ऐसी क्लिप को बनाने और उसकी बिक्री पर पाबंदी लगा दी है। बता दें कि केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय इस बारे में जागरूकता फैलाने के लिए बॉलीवुड सितारों, क्रिकेटरों और मीडिया की भी मदद ले रहा है।
साइरस मिस्त्री की मौत के बाद की ये टिप्पणी
बता दें कि गडकरी ये टिप्पणी टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री एक कार दुर्घटना में हुई मौत के बाद की है। पुलिस जांच में पता चला कि साइरस मिस्त्री कार की पिछली सीट पर थे और उन्होंने सीट बेल्ट नहीं पहनी हुई थी। मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर सूर्या नदी पर बने पुल पर उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई थी। डिवाइडर से टकराने से पहले कार ओवरस्पीड थी।
नितिन गडकरी ने कहा कि साइरस मिस्त्री का एक्सीडेंट बेहद दुर्भाग्यपूर्ण। यह देश के लिए बड़ा झटका है। हमारे देश में हर साल 5 लाख दुर्घटनाएं होती हैं। जिसमें 1.50 लाख लोगों की मौत होती हैं। इनमें 65 फीसदी मौत में 18 से 34 साल के लोग शामिल हैं।
सभी कारों में 6 एयरबैग जरूरी
गडकरी ने कहा कि मंत्रालय सभी कारों में छह एयरबैग जरूरी किए जाने पर काम कर रहा है। इस बीच उन्होंने कार बनाने वाली कंपनियों पर भी निशाना साधा। गडकरी ने कहा कि जब कार बनाने वाली कंपनियां विदेश में कार निर्यात करती हैं तो 6 एयरबैग मुहैया कराती हैं। वहीं भारत के लिए 4 एयरबैग मुहैया कराती हैं। आखिर ऐसा क्यों? क्या हमारे जीवन का कोई मूल्य नहीं है? एक एयरबैग की कीमत सिर्फ 900 रुपये है और जब संख्या बढ़ती है, तो लागत नीचे ही आएगी।