खत्म होगी महंगे पेट्रोल की टेंशन, नितिन गडकरी ने बताया, सिर्फ 1 लीटर हाइड्रोजन से 450 किलोमीटर चलेंगी गाड़ियां

गडकरी ने कहा कि गाड़ियों में पेट्रोल-डीजल के बजाय बिजली, ग्रीन हाइड्रोजन, एथनॉल, बायो-CNG और बायो-एलएनजी सरीखे सस्ते ईंधनों के इस्तेमाल को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाना चाहिए

अपडेटेड Aug 02, 2022 पर 11:13 PM
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं डीजल-पेट्रोल की गाड़ी में बैठता ही नहीं हूं

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने देश के सार्वजनिक परिवहन ढांचे में डीजल ईंधन का इस्तेमाल घटाने पर जोर दिया है। उन्होंने इसके साथ ही कहा कि बिजली से चलने वाली बसों के यात्री टिकट डीजल से चलने वाली बसों के मुकाबले 30 प्रतिशत सस्ते हो सकते हैं।

गडकरी ने सोमवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि देश भर के राज्यों के सड़क परिवहन निगम कभी फायदे में नहीं आ सकते, क्योंकि इनकी बसें महंगे डीजल से चलती हैं। उन्होंने कहा कि मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ बोल रहा हूं कि बिजली से चलने वाली एसी बसों के यात्री टिकट डीजल से चलने वाली बस के मुकाबले 30 प्रतिशत तक आसानी से सस्ते हो सकते हैं।

हाइड्रोजन से चलेंगी गाड़ियां


इंदौर में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में गडकरी ने शहर के लोगों और जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि आपकी सभी मांगों को हम मंजूर करते हैं लेकिन मेरी भी एक डिमांड है, उसे आपको पूरा करना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के सबसे स्वच्छ शहर को ध्वनि प्रदूषण, वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण से मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि शहर के सांसद और मेयर इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाएं। इंदौर देश का मॉडल शहर बने इसका प्रयास होना चाहिए।

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न्यूज 18 के मुताबिक, गडकरी ने अधिकारियों से कहा कि शहर में बहने वाले गंदे नाले से पानी निकालकर उसे शुद्ध करें। फिर उसमें सवा करोड़ का इलेक्ट्रोलाइजर लगाएं और उससे हाइड्रोजन निकालें। इसके बाद इथेनॉल पर चलने वाला जनरेटर लगाकर ग्रीन हाइड्रोजन बनाएं। फिर ग्रीन हाइड्रोजन से शहर की सिटी बसें और ट्रक चलाएं। इससे न केवल पर्यावरण बल्कि पैसे की भी बड़ी बचत होगी। उन्होंने कहा कि एक डॉलर की कीमत में एक लीटर ग्रीन हाइड्रोजन आएगी, जिससे 450 किलोमीटर गाड़ियां चलेंगी। इस दौरान ना धुआं निकलेगा ना आवाज आएगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं डीजल-पेट्रोल की गाड़ी में बैठता ही नहीं हूं। मैं इलेक्ट्रिक गाड़ी से चलता हूं। दिल्ली में तो डाइड्रोजन कार में चलता हूं, जो मर्सडीज से भी अच्छी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 50 हजार इलेक्ट्रिक बसें ला रही है, क्योंकि डीजल की बस चलाने में 115 रुपये प्रति किलोमीटर लागत आती है। वहीं इलेक्ट्रिक लग्जरी एसी बस चलाने में 41 रुपये प्रति लीटर खर्चा आता है और नॉन एसी इलेक्ट्रिक बस में 38 रुपये पर किमी का खर्चा आता है।

50,000 बिजली से चलने वाली बसें चलाने की योजना

इस कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने बताया कि केंद्र सरकार पूरे देश में 50,000 बिजली से चलने वाली बसें चलाने की योजना पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमें देश के परिवहन तंत्र को दूरदर्शी सोच के साथ बदलने की जरूरत है। गाड़ियों में पेट्रोल-डीजल के बजाय बिजली, ग्रीन हाइड्रोजन, एथनॉल, बायो-CNG और बायो-एलएनजी सरीखे सस्ते ईंधनों के इस्तेमाल को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

गडकरी ने यह भी कहा कि बुनियादी ढांचा क्षेत्र के निर्माण कार्यों की लागत अत्याधुनिक तकनीक की मदद से कम करनी बहुत जरूरी है, लेकिन पूरे सरकारी तंत्र को इसकी आदत ही नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनेताओं को 50 साल आगे का सोचना चाहिए, क्योंकि कई सरकारी अधिकारी महज पैच वर्क (किसी समस्या को तात्कालिक तौर पर सुलझाना) करते हैं। वे केवल आज के काम के बारे में सोचते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि आने वाले दिनों में उनका तबादला हो जाएगा।

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