अस्पतालों में बेड (Hospital Bed) और ऑक्सीजन की सप्लाई (Oxygen Supply) की कमी के बीच, दिल्ली (Delhi) Covid-19 संक्रमण की घातक बढ़ोतरी का सामना कर रही है। पिछले कुछ दिनों से, दिल्ली में प्रति दिन 300 से अधिक कोविद की मौत दर्ज की गई है। हालात ये हैं कि शमशान के बाहर शवों की लाइन है और अंदर उससे ही ज्यादा संख्या में चिताएं जल रही हैं।

इंडिया टुडे के मुताबिक, इन परिस्थितियों के बीच, द्वारका सेक्टर 29 में कुत्तों के एक श्मशान स्थल (Dog crematorium) को इंसानों का शमशान घाट बनाने की तैयारी चल रही है। दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने कुत्तों के श्मशान के लिए बनाई गई एक परियोजना स्थल पर इंसानों के अंतिम संस्कार के लिए पक्के ब्लॉक बनाए जा रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, द्वारका सेक्टर 29 में तीन एकड़ के कुत्तों के श्मशान स्थल का निर्माण छह महीने पहले किया गया था, लेकिन अभी तक इसकी शुरुआत नहीं हो पाई है।

आंकड़ों पर नजर डाली जाए, तो हर दिन अंतिम संस्कार किए जाने वाले शवों की संख्या में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो रही है। वर्तमान में, दिल्ली में 800 से ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार किया जाता है।

ये संख्या प्रति दिन 1,000 तक बढ़ने की उम्मीद है और श्मशान स्थलों को बढ़ाने के लिए दिल्ली में प्राधिकरण आगे की तैयारी कर रहे हैं। क्षमता बढ़ाने के लिए, अंतिम संस्कार के पार्क और पार्किंग तक में अस्थायी ब्लॉक बनाए गए हैं।

इसके अलावा, अंतिम संस्कार के लिए यमुना घाटों पर भी प्लेटफार्मों का निर्माण किया जा रहा है। उत्तरी दिल्ली के मेयर जय प्रकाश ने कहा है कि क्षमता बढ़ाने के लिए यमुना के किनारे स्थलों की पहचान की गई है।

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