Earthquake in Andaman Sea: अंडमान निकोबार में भूंकप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर 4.3 रही तीव्रता

Earthquake in Andaman sea: अंडमान निकोबार द्वीप समूह में आज सुबह 3.20 बजे भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.3 मापी गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (National Center for Seismology – NCS) के भूकंप का केंद्र 10 किमी की गहराई पर दर्ज किया गया। वहीं इससे जानमाल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है

अपडेटेड Oct 08, 2023 पर 8:26 AM
Earthquake in Andaman Sea: भारत के अंडमान निकोबार द्वीप समूह में आज तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए।

Earthquake in Andaman Sea: अंडमान सागर में आज सुबह फिर धरती कांप उठी। जब लोग गहरी नींद में सोए हुए थे। तभी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। अंडमान निकोबार द्वीप समूह में आज सुबह 3.20 बजे जोरदार भूकंप के झटके लगे। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (National Center for Seismology – NCS) के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.3 मापी गई। भूकंप 10 किमी की गहराई पर दर्ज किया गया। NCS ने एक्स पर पोस्ट किया कि भूकंप की गहराई ज्यादा होने के चलते कोई नुकसान की खबर नहीं है। बता दें कि पिछले कुछ दिनों में उत्तर भारत के कई शहरों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।

3 अक्टूबर को दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.2 मापी गई थी। अचानक ही धरती कांपने से लोग दहशत में आ गए थे। भूकंप का आने का समय दोपहर 2 बजकर 53 मिनट रहा। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप का केंद्र नेपाल में रहा। इसकी गहराई पृथ्वी के तल से 5 किमी रही।


जानिए कैसे आता है भूकंप

भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है। फिर सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है। जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।

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भूकंप की तीव्रता

वहीं रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है। लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।

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