अप्रैल-दिसंबर 2024 में 9.14 लाख करोड़ रुपये रहा केंद्र सरकार का फिस्कल डेफिसिट

वित्त वर्ष 2025 के 9वें महीने में भारत का फिस्कल डेफिसिट 9.14 लाख करोड़ रुपये था, जो बजट टारगेट का 56.7 पर्सेंट है। सरकार की तरफ से 31 जनवरी को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। पिछले वित्त वर्ष के दौरान कैपिटल एक्सपेंडिचर में सुस्ती के बावजूद मौजूदा साल में डेफिसिट पिछले साल के मुकाबले ज्यादा रहा। पिछले वित्त वर्ष में अप्रैल-दिसंबर के दौरान यह आंकड़ा 55 पर्सेंट था

अपडेटेड Jan 31, 2025 पर 7:38 PM
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सरकार ने FY25 में फिस्कल डेफिसिट के लिए 4.9 पर्सेंट का टारगेट तय किया है।

वित्त वर्ष 2025 के 9वें महीने में भारत का फिस्कल डेफिसिट 9.14 लाख करोड़ रुपये था, जो बजट टारगेट का 56.7 पर्सेंट है। सरकार की तरफ से 31 जनवरी को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। पिछले वित्त वर्ष के दौरान कैपिटल एक्सपेंडिचर में सुस्ती के बावजूद मौजूदा साल में डेफिसिट पिछले साल के मुकाबले ज्यादा रहा। पिछले वित्त वर्ष में अप्रैल-दिसंबर के दौरान यह आंकड़ा 55 पर्सेंट था।

संबंधित अवधि में कैपिटल एक्सपेंडिचर का आंकड़ा 6.9 करोड़ रुपये या बजटीय लक्ष्य (11.1 लाख करोड़ रुये) का 61.7 पर्सेंट था, जबकि पिछले वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के दौरान यह आंकड़ा 67.3 पर्सेंट था। लिहाजा, सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि क्या सरकार आने वाले साल के लिए फिस्कल कंसॉलिडेशन की राह चुनेगी।

राजकोषीय घाटा या फिस्कल डेफिसिट का मतलब केंद्र सरकार की आमदनी और खर्चों का अंतर है। राजकोषीय घाटा देश की आर्थिक स्थिति की तस्वीर दिखाते हैं। जानकारों का मानना है कि भारत अगले वित्तीय वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 6.3% से 6.5% के बीच रख सकता है।


बजट 2025 में सरकार कई बड़े ऐलान कर सकती है। इसमें एक बड़ा ऐलान फिस्कल डेफिसिट के टारगेट को लेकर होगा। अगले वित्त वर्ष के फिस्कल टारगेट को लेकर कई तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं। फिस्कल डेफिसिट का टारगेट न सिर्फ इकोनॉमी बल्कि कंपनियों की फंड की जरूरत के लिहाज से भी अहम होता है। मनीकंट्रोल ने इस बारे में एक्सपर्ट्स की राय जानने के लिए एक पोल किया था, जिसमें फिस्कल डेफिसिट 4.5 पर्सेंट रखने का अनुमान जताया गया था।

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