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इंडिया ने रूस से बढ़ते व्यापार घाटे को कम करने के लिए उठाया बड़ा कदम, सरकार करेगी निर्यात के लिए प्रोडक्ट्स की पहचान

रूस से इंडिया के आयात में FY2021-22 के मुकाबले 2022-23 में 369 फीसदी उछाल देखने को मिला है। इस दौरान यह 9.87 अरब डॉलर से बढ़कर 46.3 अरब डॉलर हो गया। इसमें दो-तिहाई हिस्सेदारी क्रूड ऑयल की है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 11, 2023 पर 2:44 PM
इंडिया ने रूस से बढ़ते व्यापार घाटे को कम करने के लिए उठाया बड़ा कदम, सरकार करेगी निर्यात के लिए प्रोडक्ट्स की पहचान
FY22 में रूस इंडिया का 25वां सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर था। अब यह दूसरे नंबर पर पहुंच गया है।

इंडिया रूस के साथ बढ़ते व्यापार घाटे (Trade Deficit) को लेकर गंभीर हो गया है। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने इसके लिए बड़ा कदम उठाया है। उसने सभी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (EPCs) को ऐसे नए प्रोडक्टस की पहचान करने को कहा है, जिसे इंडिया रूस को बेच सकता है। इससे इंडिया को रूस को निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे व्यापार घाटे में कमी आएगी। सूत्रों ने यह जानकारी दी। अप्रैल 2022 से जनवरी 2023 में रूस के साथ इंडिया का ट्रेड डेफिसिट 34.79 अरब डॉलर पहुंच गया। इसमें रूस से इंडिया के ऑयल इंपोर्ट का बड़ा हाथ है।

रूस इंडिया का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर

FY22 में रूस इंडिया का 25वां सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर था। अब यह दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। इंडिया से आगे सिर्फ चीन है। एक सीनियर सरकारी अफसर ने मनीकंट्रोल को बताया, "हम रूस के साथ अपने व्यापार में थोड़ा संतुलन चाहते हैं। हमें अपना एक्सपोर्ट बढ़ाना पड़ेगा। इंडिया रूस को टेक्सटाइल्स और एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट बढ़ाना चाहता है। सभी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल को इंडिया से एक्सपोर्ट होने वाले संभावित उत्पादों की पहचान करने को कहा गया है।"

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