रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में भारत की ग्रोथ 7.2 पर्सेंट रहने की उम्मीद जताई है। दास ने कहा, 'हमें पूरा भरोसा है कि मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में ग्रोथ रेट 7.2 पर्सेंट रहेगा। जाहिर तौर पर किसी भी अनुमान में चीजें ऊपर-नीचे होने का जोखिम रहेगा।' दास ने बॉम्बे चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के मौके पर यह बात कही।
दास का यह भी कहना था कि मौसम से जुड़ी घटनाओं, भूराजनीतिक विवाद, ग्लोबल ट्रेड में सुस्ती, पूंजी के प्रवाह में दिक्कत आदि चुनौतियों की वजह से ग्रोथ अनुमान से कम रह सकती है। उन्होंने कहा, 'इसके अलावा, ग्लोबल ग्रोथ बेहतर रहने पर ग्रोथ अनुमान से ज्यादा भी रह सकती है।' रिजर्व बैंक ने जून की मौद्रिक नीति में वित्त वर्ष 2024-25 के लिए जीडीपी ग्रोथ 7.2 पर्सेंट रहने का अनुमान जताया है। इससे पहले केंद्रीय बैंक ने जीडीपी ग्रोथ 7 पर्सेंट रहने की उम्मीद जताई थी।
शक्तिकांत दास ने मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की प्रेस ब्रीफिंग में 7 जून को कहा था कि पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.3 पर्सेंट, दूसरी तिमाही में 7.2 पर्सेंट, तीसरी तिमाही में 7.3 पर्सेंट और चौथी तिमाही में 7.2 पर्सेंट रहने का अनुमान है। अगर ग्रोथ का अनुमान सही रहता है, तो भारत की जीडीपी ग्रोथ लगातार चौथे साल 7 पर्सेंट से ऊपर रहेगी।
दास ने 25 जूनको बॉम्बे चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के कार्यक्रम में कहा कि ग्रामीण खपत में भी अब तेजी देखने को मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में FMCG सेल्स की वॉल्यूम में तेजी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा, 'बाहर से मांग तेज हो रही है। IMF, WTO, OCED आदि तमाम ग्लोबल एजेंसियां को इस साल ग्लोबल ट्रेड वॉल्यूम पिछले साल के मुकाबले ज्यादा रहने का अनुमान है।'
इनफ्लेशन के बारे में उन्होंने कहा कि 4 पर्सेंट इनफ्लेशन के लिहाज से हमारी इकोनॉमी बेहतर स्थिति में होगी और हमारा फाइनेंशियल सिस्टम ग्रोथ को आगे बढ़ाने में मददगार होगा। मई में भारत का रिटेल इनफ्लेशन एक साल के निचले स्तर पर 4.75 पर्सेंट पर पहुंच गया था।