सरकार ने एक दिन पहले कुछ स्टील प्रोडक्ट्स पर एक्सपोर्ट ड्यूटी लगा दी, स्टील और प्लास्टिक के कुछ कच्चे माल पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने का ऐलान किया था। रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स ने कहा कि यह समय से की गई पहल है और उन्होंने उम्मीद जताई कि इसका सेक्टर पर अच्छा प्रभाव होगा, क्योंकि हाल के कुछ महीनों में स्टील, सीमेंट की इनपुट कॉस्ट 40-45 फीसदी तक बढ़ गई हैं। इसके चलते डेवलपर्स कीमतें बढ़ाने को मजबूर हुए हैं।
वित्त मंत्री ने किया यह ट्वीट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 21 मई को एक ट्वीट के जरिये कहा था, “सीमेंट की उपलब्धता में सुधार और बेहतर लॉजिस्टिक के जरिए सीमेंट की कॉस्ट घटाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।” उन्होंने कहा, हम आयरन औरस्टील की कीमतें घटाने के लिए कच्चे माल पर कस्टम्स ड्यूटी में बदलाव कर रहे हैं। स्टील से जुड़े कुछ कच्चे माल पर इंपोर्ट ड्यूटी भी घटाई जाएगी। कुछ स्टील प्रोडक्ट्स पर एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाई जाएगी।
सभी स्टेकहोल्डर्स को मिलेगी राहत
क्रेडाई के प्रेसिडेंट हर्षवर्धन पटौदिया ने कहा, “हम कच्चे माल की लागत में बढ़ोतरी को काबू में करने और महंगाई को नियंत्रित करने के लिए वित्त मंत्री और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से खासे खुश हैं, क्योंकि पिछले 18 महीनों में विकास बाधित हो गया है।”
उन्होंने कहा, स्टील प्रोडक्ट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने के सरकार के कदम से सभी स्टेकहोल्डर्स को राहत मिलेगी। पटौदिया ने कहा, फ्यूल टैक्स को कोविड से पहले के स्तरों पर लाए जाने से कच्चे माल और इंडस्ट्रीज के जरूरी सामानों की ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट में कमी आएगी। इससे बिजनेस और कंज्यूमर्स पर दबाव कम होगा।
सरकार का समय से उठाया गया कदम
एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने इसे सरकार का समय से उठाया गया कदम बताया। पुरी ने कहा, “उम्मीद है कि इससे अच्छे प्रभाव होंगे। हाल के दौर में स्टील, सीमेंट आदि की इनपुट कॉस्ट लगभग 40-45 फीसदी तक बढ़ गई है। एनारॉक ने हाल के कंज्यूमर सर्वे में भी कीमतों में बढ़ोतरी की संभावनाएं जाहिर की थीं, जिसमें 56 फीसदी प्रतिक्रिया देने वालों ने माना था कि 2022 में प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ जाएंगी।”