RBI New Governor: रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा रिजर्व बैंक के नए गवर्नर होंगे। वह मौजूदा गवर्नर शक्तिकांत दास की जगह लेंगे। सरकार ने शक्तिकांत दास का कार्यकाल नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। 2018 में RBI के गवर्नर के रूप में शक्तिकांत दास की नियुक्ति हुई थी। मल्होत्रा को राज्य और केंद्र सरकार में वित्त और टैक्स के क्षेत्र में व्यापक अनुभव है। वह राजस्थान काडर के 1990 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। मल्होत्रा 11 दिसंबर 2024 से RBI के गवर्नर का पदभार संभालेंगे। संजय मल्होत्रा IIT ग्रेजुएट हैं।
उन्होंने आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है और और प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी, अमेरिका से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर्स की पढ़ाई की है। अपने 33 साल से अधिक के करियर में उन्होंने एनर्जी, फाइनेंस, टैक्स, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, माइनिंग आदि समेत तमाम क्षेत्रों में काम किया है। फिलहाल, वह फाइनेंस मिनिस्ट्री में सेक्रेटरी (रेवेन्यू) हैं। अपने पिछले कार्यभार में उन्होंने भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के तहत फाइनेंशियल सर्विसेज डिपार्टमेंट में सचिव का पद संभाला था।
उनके पास राज्य के साथ-साथ केंद्र सरकार में फाइनेंस और टैक्स में व्यापक अनुभव है। वह डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स से जुड़े नीति निर्माण में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। मल्होत्रा पब्लिक सेक्टर कंपनी REC के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर भी रह चुके हैं। टैक्स कलेक्शन में हालिया बढ़ोतरी भी उनकी अहम भूमिका रही है। वह बजट में टैक्स से जुड़े प्रस्तावों पर भी काम करेंगे। वह जीएसटी काउंसिल के पदेन सचिव हैं और इस मसले पर राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर काम करते हैं। वह पावर मिनिस्ट्री में एडिशनल सेक्रेटरी भी रह चुके हैं, जहां उनके पास 3 लाख करोड़ रुपये के पावर डिस्ट्रिब्यूशन रिफॉर्म को लागू करने की जिम्मेदारी थी।
मल्होत्रा की नियुक्त पर पूर्व सांख्यिकीविद प्रणब सेन ने सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में कहा, 'मैं इस नियुक्ति को लेकर थोड़ा सा हैरान हैं। हालांकि, पूरी तरह ऐसा नहीं है।' SBI के पूर्व चेयरमैन रजनीश का कहना था, ' फाइनेंस मिनिस्ट्री के ब्यूरोक्रेट्स पहले भी रिजर्व बैंक में आते रहे हैं, लिहाजा मुझे कोई आश्चर्य नहीं है। बाजार को लेकर रिजर्व बैंक की अपनी समझ है और इसी तरह से पॉलिसी मेकिंग का सिस्टम काम करता है।' रिजर्व बैंक की पूर्व ईडी दीपाली पंत ने कहा कि नए गवर्नर को इनफ्लेशन कंट्रोल, रुपये की चाल और मौजूदा भूराजनीतिक घटनाक्रम के हिसाब से काम करना होगा।
शक्तिकांत दास का कार्यकाल
जहां तक शक्तिकांत दास की बात है तो उनका कार्यकाल शानदार रहा। वह करीब 6 साल तक रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे। उन्होंने उर्जित पटेल के अचानक इस्तीफे के बाद जिम्मेदारी संभाली थी। शक्तिकांत दास ने कोविड के दौरान और उसके बाद देश में महंगाई की समस्या को काबू में करने की दिशा में उल्लेखनीय काम किया है।