कुछ राज्यों की वित्तीय स्थिति बहुत खराब है। उन पर कर्ज का बोझ बहुत बढ़ गया है। 30 जून के बाद उन्हें जीएसटी कंपनसेशन के रूप में केंद्र से भी मदद मिलनी बंद हो जाएगी। चुनाव से पहले किए गए वादों को पूरा करने पर सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ जाएगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर जल्द सुधार के कदम नहीं उठाए गए तो कुछ राज्यों की स्थिति श्रीलंका जैसी हो सकती है।
