प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को जॉर्ज सोरोस के फाउंडेशन, ओपन सोरोस फाउंडेशन और एमनेस्टी समेत OSF से जुड़े गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के दफ्तरों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने बताया कि ये तलाशी FEMA (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) से संबंधित एक मामले से जुड़ी हुई है। एमनेस्टी इंटरनेशनल के पूर्व कर्मचारियों के ठिकानों की तलाशी ली गई, साथ ही ह्यूमन राइट्स वॉच या HRW के वर्तमान कर्मचारियों के परिसरों की भी तलाशी ली गई।
एमनेस्टी इंटरनेशनल का भारत में कामकाज दिसंबर 2020 में बंद हो गया था, जब सरकार ने अवैध विदेशी फंडिंग का आरोप लगाते हुए इसके बैंक अकाउंटों को फ्रीज कर दिया था।
एमनेस्टी के भारत दफ्तर और HRW दोनों ने कथित तौर पर अतीत में OSF से फंड हासिल किया है। इसकके खिलाफ CBI ने आरोप-पत्र दायर किया है और बाद वाले के खिलाफ ED ने शिकायत दर्ज की है।
2022 में एमनेस्टी के इंडिया हेड आकार पटेल पर विदेशी मुद्रा कानून या विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम का उल्लंघन करने के लिए 10 करोड़ रुपये (और एनजीओ पर 51.72 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया गया था।
OSF, जिसने 1999 में भारत में अपना कामकाज शुरू किया था, उसने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
2016 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विदेशी मुद्रा कानूनों के कथित उल्लंघन के कारण फाउंडेशन को 'वॉच लिस्ट' में डाल दिया था - जिसका मतलब है कि अब उसे भारतीय गैर सरकारी संगठनों (NGO) को फंड करने के लिए सरकार की मंजूरी की जरूरत होगी।
बाद में इस कदम को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी गई, जहां याचिका पेंडिंग है।
BJP का जॉर्ज सोरोस पर हमला
हंगरी-अमेरिकी अरबपति परोपकारी जॉर्ज सोरोस से जुड़े या उनकी ओर से फंड किए गए संगठनों पर सत्तारूढ़ बीजेपी ने भारत के हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है।
भाजपा ने बार-बार यह दावा किया है कि संगठित अपराध और भ्रष्टाचार रिपोर्टिंग परियोजना (OCCRP) सहित OSF से फंड हासिल करने वाले फाउंडेशन और थिंक टैंक "भारत विरोधी" रिपोर्ट और नैरेटिव तैयार करते हैं।