चंद्रा और यूनिटेक लिमिटेड के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate(ED) ने कहा कि संजय और अजय दोनों ने पूरी न्यायिक हिरासत को बेअसर कर दिया है क्योंकि वे स्वतंत्र रूप से संवाद कर रहे हैं। अपने अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं और जेल के अंदर से अपनी संपत्तियों का निपटान कर रहे हैं।
